चुनाव से पहले ईरान पर सैन्य हमले को ट्रंप ने नकारा, लेकिन पेंटागन ने तैयार किया 3 दिन का प्लान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 3 नवंबर, 2026 को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले वह ईरान पर कोई सैन्य हमला नहीं करेंगे। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि तेहरान के साथ चल रही "उत्पादक चर्चाओं" की वजह से उन्होंने यह फैसला लिया है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह जारी रहेगी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि पिछले रात होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से 22 मिलियन बैरल तेल गुजरा, जिसमें से एक भी बैरल ईरान से संबंधित नहीं था। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।
पेंटागन की गुप्त तैयारी और सैन्य विकल्प
भले ही राष्ट्रपति सार्वजनिक रूप से हमले से इनकार कर रहे हों, लेकिन पर्दे के पीछे की कहानी कुछ और है। न्यूयॉर्क टाइम्स और एक्सिओस जैसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंटागन ने राष्ट्रपति के आदेश पर एक गहन तीन दिवसीय सैन्य अभियान की विस्तृत योजना तैयार की है। इस प्लान में ईरान के मिसाइल और ड्रोन शस्त्रागार, ऊर्जा बुनियादी ढांचे और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों को निशाना बनाने की रणनीति है।
इस योजना की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उपराष्ट्रपति JD वेंस ने पिछले शुक्रवार को कैंप डेविड में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ इन विकल्पों की समीक्षा की। अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य परमाणु प्रसार को रोकना है और यदि भविष्य में कोई सैन्य कार्रवाई होती है, तो वह "तेज और निर्णायक" होगी, लेकिन अमेरिका किसी देश पर कब्जा करने या वहां शासन चलाने की कोशिश नहीं करेगा।
इसी बीच, अमेरिका ने ईरान के तथाकथित 'शैडो फ्लीट' के 17 जहाजों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जिसे उनके अवैध तेल व्यापार नेटवर्क पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिए हैं कि तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए शांति वार्ता के संशोधित प्रस्तावों को अंतिम रूप दे रहे हैं, हालांकि उन्होंने अमेरिका पर प्रगति में बाधा डालने का आरोप लगाया है।
क्षेत्रीय तनाव अभी भी बरकरार है, जहां हूती बलों ने सऊदी हवाई अड्डों पर हमले किए हैं। वहीं, अमेरिका द्वारा इराक के राष्ट्रीय करियर को दी गई छूट के बाद गुरुवार को पहली बार किसी विदेशी एयरलाइन की व्यावसायिक उड़ान ईरान में उतरी।