डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करने की बात कही जबकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में हमले बढ़ रहे हैं

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि वह 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर कोई हमला नहीं करेंगे। ट्रंप ने संकेत दिया है कि इस संघर्ष को लेकर फैसला बहुत जल्द लिया जाएगा।
ट्रंप ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। उन्होंने ईरान को एक असफल देश बताया है जो गंभीर आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। हाल ही में उन्होंने ट्रुथ सोशल पर यह भी लिखा कि संभावित हमले की योजनाओं को लीक करने वालों को गोली मार देनी चाहिए।
दूसरी तरफ हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है। रविवार से अब तक कम से कम 10 जहाजों पर हमले हुए हैं और पिछले चार दिनों में ऐसी 12 घटनाएं दर्ज की गई हैं। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने पुष्टि की है कि 14 अक्टूबर को एक अज्ञात मिसाइल से दो जहाजों को मामूली नुकसान पहुंचा, उस दिन कुल चार हमले हुए थे।
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक एक 19,000 टन का कंटेनर जहाज नौसैनिक माइन से टकराकर डूब गया, जिसमें 2,500 कंटेनर लदे थे। इसके अलावा पूर्वी जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर में आग लगने की खबर भी आई है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि जलमार्ग और ओमान की खाड़ी पर उनका पूरा नियंत्रण है। रियर एडमिरल अली अजमाई ने चेतावनी दी कि तटीय रक्षा इकाइयां अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाने के लिए तैयार हैं और गठबंधन के साथ चलने वाले वाणिज्यिक जहाजों को खतरा है।
ब्रिगेडियर जनरल यादोलाह जवानी ने कहा कि यह संघर्ष वैश्विक शक्ति संतुलन को बदल सकता है। वहीं संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर कालिबाफ ने कहा कि बातचीत जारी रहने के बावजूद ईरान को युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरानी दावों के विपरीत कहा है कि अमेरिकी सेना और क्षेत्रीय साझेदारों का जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बना हुआ है। जानकारों का मानना है कि ईरान चुनाव से पहले अमेरिका के संयम का फायदा उठाकर तेल रिकवरी में बाधा डालना चाहता है।
इस अस्थिरता की वजह से पेट्रोकेमिकल आपूर्ति, समुद्री बीमा लागत और खाद्य कीमतों में महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ गई है। वहीं पूर्व तेहरान मेयर गुलामहोसैन करबास्ची ने ईरानी सैन्य क्षमताओं के चित्रण की आलोचना करते हुए बातचीत से विवाद खत्म करने की मांग की है। फिलहाल दो नाविक लापता बताए जा रहे हैं और अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी है।