डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर तत्काल हमले से किया इनकार, इजरायली सेना ने हेब्रोन और गाजा में की छापेमारी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर तत्काल हमले की बात खारिज की, वहीं इजरायली सेना ने हेब्रोन और गाजा में छापेमारी की।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को स्पष्ट किया कि आज ईरान के खिलाफ कोई हमला नहीं किया जाएगा। व्हाइट हाउस से मिशिगन रवाना होते समय उन्होंने पत्रकारों को बताया कि वह फिलहाल ईरान के साथ समझौता करने या सैन्य कार्रवाई करने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस संभावित सैन्य अभियान के लिए 'एपिक फ्यूरी' नाम का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रति अपना समर्थन जताया और इजरायली मतदाताओं से उन्हें फिर से चुनने की अपील की। ट्रंप ने इजरायल से ईरान के खिलाफ काम पूरा करने को भी कहा है।
दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष दोबारा शुरू होने से ईरान की रणनीतिक स्थिति नहीं बदलेगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाए ने पुष्टि की है कि बिचौलियों के जरिए राजनयिक बातचीत जारी है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस रुख की आलोचना करते हुए संभावित संघर्ष को घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों से जोड़ा है।
इसी बीच फिलिस्तीनी क्षेत्रों में हिंसा बढ़ गई है। 23 अक्टूबर को हेब्रोन में दो इजरायली सैनिकों की मौत के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शहर में पूरी तरह लॉकडाउन लगा दिया। इसके बाद घर-घर छापेमारी और मकानों को ढहाने की कार्रवाई शुरू की गई।
शनिवार तक चली इस कार्रवाई की वजह से 1,200 से 2,000 फिलिस्तीनी बेघर हो गए, जिसके बाद हेब्रोन गवर्नरशिप ने आपातकाल घोषित कर दिया। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने इन पाबंदियों और स्थानीय लोगों की आजीविका पर पड़ने वाले असर पर गहरी चिंता जताई है।
गाजा पट्टी में शनिवार को हुए इजरायली हमलों में दो महिलाओं और एक बच्चे समेत चार फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। इजरायली अधिकारियों ने ऐलान किया है कि चुनाव के दिन यानी 26 अक्टूबर को वेस्ट बैंक के सभी जमीनी क्रॉसिंग बंद रहेंगे। संयुक्त राष्ट्र ने यह भी बताया है कि 2026 में फिलिस्तीनियों पर इजरायली बसने वालों के हमलों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।