ट्रंप का बड़ा फैसला: नवंबर चुनाव तक ईरान पर सैन्य हमला नहीं करेगा अमेरिका

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) से पहले अमेरिका ईरान पर कोई सैन्य हमला नहीं करेगा। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट के जरिए राष्ट्रपति ने यह बात साझा की। उन्होंने संकेत दिया कि सात महीने से चले आ रहे इस युद्ध को खत्म करने के लिए जारी राजनयिक प्रयास "उत्पादक" साबित हो रहे हैं।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब व्हाइट हाउस में चुनाव से पहले सैन्य कार्रवाई की अटकलें तेज थीं। चैनल 12 जैसी मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि प्रशासन ईरान के खिलाफ हमले की योजना बना रहा है, लेकिन ट्रंप के इस बयान ने फिलहाल उन अटकलों पर विराम लगा दिया है। हालांकि, सैन्य हमलों पर रोक का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाना छोड़ दिया है।
ईरान के 'शैडो फ्लीट' पर कड़े आर्थिक प्रहार
भले ही ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई को टाल दिया हो, लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान की कमर तोड़ने के लिए आर्थिक हथियारों का इस्तेमाल किया है। गुरुवार को अमेरिका ने ईरान के 'शैडो फ्लीट' (छाया बेड़े) से जुड़े 17 जहाजों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। इन प्रतिबंधों का मुख्य उद्देश्य तेहरान के तेल परिवहन नेटवर्क को ध्वस्त करना और उसकी फंडिंग के रास्तों को बंद करना है।
बता दें कि यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जिसने ट्रंप प्रशासन के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। एक सर्वे के मुताबिक, करीब 71 प्रतिशत अमेरिकी इस युद्ध का विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा, ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक यातायात रोकने के फैसले से ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसका असर आम जनता पर पड़ रहा है। वहीं, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) लगातार उन जहाजों को निशाना बना रहा है जो उसके क्षेत्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहे हैं।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से मुलाकात की और तेहरान को अपना पूर्ण समर्थन देने का वादा किया। पुतिन ने रूस और ईरान के संबंधों में "सकारात्मक विकास" की बात कही है। दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी राष्ट्रपति ट्रंप से चर्चा की है, हालांकि उनकी बातचीत केवल ईरान के मुद्दे तक सीमित नहीं थी।