ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे डोनाल्ड ट्रंप और जमीनी सेना भेजने में भी जताई हिचकिचाहट

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने ईरान में अमेरिकी जमीनी सेना भेजने को लेकर भी अपनी अनिच्छा जाहिर की है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सेना हमले की नई योजनाओं पर विचार कर रही है।
ट्रंप ने परमाणु विकल्प को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि वह परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे क्योंकि इसकी जरूरत नहीं है। हालांकि, प्रशासन के अन्य अधिकारियों का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सभी विकल्प खुले रखे गए हैं।
खबरों के मुताबिक पेंटागन ईरान के परमाणु केंद्रों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए रणनीतियां तैयार कर रहा है। इन योजनाओं में GBU-43/B मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट का इस्तेमाल शामिल हो सकता है, जिसे 'मदर ऑफ ऑल बम्स' या MOAB कहा जाता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि MOAB एक पारंपरिक हथियार है, परमाणु नहीं, और यह एक बेहद बड़ा बम है।
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बताया कि प्रशासन इस बात पर काम कर रहा है ताकि राष्ट्रपति के पास सभी जरूरी सामरिक विकल्प मौजूद रहें। वहीं व्हाइट हाउस और पेंटागन के प्रवक्ताओं ने संवेदनशील सैन्य योजनाओं पर टिप्पणी करने से मना कर दिया है।
दूसरी तरफ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने चेतावनी दी है कि बाहरी सैन्य दबाव और आर्थिक नाकेबंदी से तेहरान घुटने नहीं टेकेगा। पिछले छह महीनों से जारी संघर्ष के बीच अमेरिका फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने और ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर रणनीतिक फैसले लेने पर ध्यान दे रहा है।