डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है ईरान
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ डील करना चाहता है, लेकिन बातचीत में देरी कर रहा है।

वॉशिंगटन: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान सक्रिय रूप से अमेरिका के साथ एक राजनयिक समझौता करना चाहता है। उन्होंने संकेत दिया कि हालांकि तेहरान औपचारिक बातचीत में देरी कर रहा है, लेकिन सैन्य टकराव को कब खत्म करना है, इसका फैसला करने का अधिकार उनके पास है।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान पर निर्णायक सैन्य और वित्तीय जीत हासिल कर ली है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैकड़ों नौसैनिक जहाजों और सैन्य विमानों को नष्ट कर दिया है। ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि तेहरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होंगे।
इससे पहले 24 अक्टूबर को ट्रंप ने सुझाव दिया था कि अगर समझौता नहीं हुआ तो 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का एक छोटा संस्करण शुरू किया जा सकता है। यह अभियान फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुआ था। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह 3 नवंबर 2026 को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले गहन सैन्य अभियान दोबारा शुरू नहीं करना चाहते हैं।
अक्टूबर के मध्य तक इस संघर्ष में अमेरिकी सेना का वित्तीय खर्च कम से कम 47.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनयिक कोशिशें तेज हो गई हैं। 26 अक्टूबर को मक्का समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने युद्धविराम या शांति समझौते के लिए तेहरान में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की।
तनाव के बीच 28 अक्टूबर को आईएईए (IAEA) के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि एजेंसी यह सत्यापित नहीं कर पा रही है कि तेहरान ने 440 किलोग्राम उच्च-समृद्ध यूरेनियम सहित परमाणु सामग्री का डायवर्जन तो नहीं किया है। ईरान ने इस्फ़हान फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट तक पहुंच की मांगों को अब भी रोका हुआ है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने कहा कि कूटनीति की खिड़की खुली है, लेकिन तेहरान अमेरिका के वादों को खोखला मानता है। इसी बीच, अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा चेतावनी जारी की है और उन्हें आतंकवाद, अपहरण और मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने के खतरों के कारण तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है।