अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump का बड़ा ऐलान, ईरान का युद्ध खत्म होते ही सस्ता होगा तेल.

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि जैसे ही ईरान के साथ चल रहा संघर्ष समाप्त होगा, वैसे ही वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें तेजी से नीचे गिर जाएंगी। वाशिंगटन डीसी से शिकागो के लिए रवाना होने से पहले व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह बात कही। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके प्रशासन के दौरान ईंधन की लागत पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल की तुलना में पहले से ही कम है।
उन्होंने ऊर्जा उत्पादन के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि कल रात ही रिकॉर्ड मात्रा में तेल निकाला गया है, जो युद्ध शुरू होने से पहले के उत्पादन स्तर से भी ज्यादा है। उनका कहना था कि ईरान के पीछे हटते ही और युद्ध खत्म होते ही तेल के दाम औंधे मुंह गिरेंगे। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता को मिल रही आर्थिक राहत का भी जिक्र किया और कहा कि उनके कार्यकाल में किराने की चीजों के दाम भी काफी नीचे आए हैं।
रोजगार और अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान
ऊर्जा बाजारों के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति ने देश के आर्थिक संकेतकों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में रोजगार के आंकड़े इतिहास में सबसे अच्छे आए हैं और देश में इस समय सबसे ज्यादा लोग काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके देश में गरीबी का स्तर इतिहास में सबसे कम है और प्रति व्यक्ति आय रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे लोग पहले से ज्यादा कमाई कर रहे हैं। इन बातों को साझा करने के बाद वह प्रेसिडेंट्स कप गोल्फ टूर्नामेंट में शामिल होने के लिए रवाना हो गए।
ईरान का प्रस्ताव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का विवाद
यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही उन्होंने एक महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग से जुड़े क्षेत्रीय समझौते को खारिज कर दिया था। ईरानी मीडिया के अनुसार, Donald Trump ने इस समझौते को पूरी तरह से ठुकरा दिया है। ईरान की तरफ से युद्ध समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए सात दिन का एक रोडमैप पेश किया गया था। इस प्रस्ताव के तहत अमेरिका को ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी को हटाना था, तेल बिक्री पर से प्रतिबंध हटाने थे, और 12 अरब डॉलर की जमी हुई ईरानी संपत्तियों को जारी करना था।
इसके बदले में ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करने के लिए तैयार था। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और रिपोर्ट के मुताबिक वह नवंबर के मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर फिर से बमबारी करने की योजना बना रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने कहा है कि तेहरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति की इस पहली प्रतिक्रिया को देख लिया है और अब वे मध्यस्थों की तरफ से आधिकारिक और अंतिम राय मिलने का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही कोई अगला फैसला लिया जाएगा। ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी यह साफ कर दिया है कि उनका देश अमेरिका और इसराइल के सामने बिल्कुल नहीं झुकेगा और पूरी मजबूती के साथ खड़ा रहेगा।