Flydubai हमले में ईरान का हाथ? डोनाल्ड ट्रंप ने जताया बड़ा संदेह

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुबई से तेल अवीव जा रहे Flydubai के विमान में हुए एक खौफनाक आतंकवादी हमले को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप का मानना है कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि उन्हें मिलने वाली जानकारियों के आधार पर यह घटना ईरान से जुड़ी प्रतीत होती है।
यह पूरी घटना 30 सितंबर 2026 की है, जब उड़ान संख्या FZ1073 में सवार 182 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई थी। विमान के ओमान निवासी को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने अचानक हिंसक रूप धारण कर लिया और एक 'क्रैश एक्स' (कुल्हाड़ी) से भारतीय कप्तान स्मित मछ्छर पर हमला कर दिया। हममामी का मकसद विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेना था। इस अफरा-तफरी के दौरान विमान महज 30 सेकंड में 14,000 फीट से ज्यादा नीचे गिर गया, जिससे यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। हालांकि, ड्यूटी से बाहर मौजूद अन्य पायलटों और यात्रियों की सूझबूझ से स्थिति को संभाला गया और विमान को स्थिर किया गया।
सुरक्षा में बड़ी चूक और साजिश का खुलासा
विमान की आपातकालीन लैंडिंग सऊदी अरब के तबुक में कराई गई, जहां हममामी को हिरासत में ले लिया गया और बाद में पूछताछ के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भेज दिया गया। UAE के प्रॉसिक्यूटर जनरल जनरल हमद सैफ अल शमसी ने पुष्टि की है कि यह एक सोची-समझी आतंकवादी साजिश थी। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ओमान एयर ने हममामी के चरमपंथी विचारों के कारण उसे पहले ही उड़ान भरने से प्रतिबंधित कर दिया था, लेकिन Flydubai की सुरक्षा जांच में यह बात पकड़ में नहीं आई।
जहाँ डोनाल्ड ट्रंप इसे ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) या उनके कट्टरपंथी प्रयासों से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं इजरायली सुरक्षा एजेंसी 'शिन बेट' इसे एक 'लोन-वुल्फ' (अकेले काम करने वाले) हमलावर की कार्रवाई मान रही है। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, हममामी ने कबूल किया है कि उसने बेन गुरियन एयरपोर्ट का पहले ही सर्वे कर लिया था और उसका इरादा विमान को सीधे एयरपोर्ट से टकराने का था। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहराई से जांच कर रही हैं कि इतनी बड़ी सुरक्षा चूक कैसे हुई।