UNGA में ट्रंप करेंगे गल्फ नेताओं से मुलाकात, ईरान और गाजा शांति योजना पर होगी बड़ी चर्चा.

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump न्यूयॉर्क में होने जा रहे 81st session of the United Nations General Assembly के दौरान गल्फ देशों के प्रमुख नेताओं और विदेश मंत्रियों के साथ एक अहम बैठक करेंगे। इस उच्च स्तरीय बैठक में खाड़ी देशों जैसे कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के प्रतिनिधि शामिल होंगे। अमेरिकी राजदूत Mike Waltz ने इन बैठकों की पुष्टि करते हुए बताया कि बातचीत का मुख्य केंद्र 20-point Gaza peace plan, अंतरराष्ट्रीय संघर्ष और ईरान का परमाणु कार्यक्रम होगा। इस बैठक से खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासियों और भारत से ताल्लुक रखने वाले लोगों पर भी भू-राजनीतिक स्थिति का असर पड़ने की संभावना है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य कार्रवाई पर चर्चा
राजदूत Mike Waltz ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति Donald Trump अपने आगामी यूएनजीए संबोधन में इस बात पर जोर देंगे कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना कितना जरूरी है। यह कूट उस समय हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच पिछले छह महीने से चल रहे संघर्ष का अंतिम चरण चल रहा है। खबरों के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य हमले करने के फैसले पर विचार कर रहे हैं। इस चर्चा में क्षेत्रीय स्तर पर युद्ध के बाद की रणनीतियों पर भी बात की जाएगी ताकि मध्य पूर्व में स्थिरता लाई जा सके।
गाजा शांति योजना और बोर्ड ऑफ पीस पर समीक्षा
गाजा शांति योजना को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव Resolution 2803 का समर्थन प्राप्त है। इस योजना के तहत 'Board of Peace' की स्थापना, एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बल और फिलिस्तीनी तकनीकी प्रशासन को स्थापित करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही हमास के हथियार डालने की प्रक्रिया पर भी मंथन होगा। पुनर्निर्माण के इन कामों की विस्तृत जानकारी देने के लिए 'Board of Peace' ने 23 सितंबर को एक विशेष ब्रीफिंग बुलाई है।
कूटनीतिक गतिविधियों के बीच हाल ही में रूस और चीन ने 17 सितंबर को अमेरिका द्वारा लाए गए उस प्रस्ताव को वीटो कर दिया था जिसमें ईरान पर यूएन प्रतिबंधों की निगरानी करने वाले पैनल को फिर से शुरू करने की मांग की गई थी। इसके अलावा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष António Costa भी 22 सितंबर को गाजा शांति योजना की पहली वर्षगांठ पर आयोजित एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासी इन अंतरराष्ट्रीय बैठकों और क्षेत्रीय सुरक्षा हालातों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं क्योंकि इसका सीधा असर उनकी सुरक्षा और आजीविका पर पड़ता है।