हॉर्मूज जलडमरूमध्य पर ट्रंप का बड़ा अल्टीमेटम

मध्य पूर्व में तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बेहद सख्त चेतावनी जारी की है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने साफ कर दिया कि पिछले सात महीनों से चला आ रहा यह गतिरोध बहुत जल्द किसी नतीजे पर पहुंचने वाला है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका के पास अब दो ही रास्ते बचे हैं—या तो ईरान के साथ कोई समझौता किया जाए या फिर उस पर सैन्य हमला बोला जाए। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि फैसला करना होगा कि या तो उन्हें तबाह कर दिया जाए या फिर बातचीत का रास्ता अपनाया जाए।
ईरान का प्रस्ताव और तेल बाजार पर असर
दूसरी तरफ, तेहरान ने पुष्टि की है कि उसे हॉर्मूज जलडमरूमध्य को सात दिनों के भीतर फिर से खोलने के प्रस्ताव पर अमेरिकी जवाब मिल चुका है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को इस बारे में जानकारी दी। ईरान की मांग है कि अमेरिका अपने नौसैनिक नाकेबंदी को हटाए, लगभग 12 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्तियों को रिहा करे और तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को ढीला करे। इसके बदले में ईरान जलमार्ग खोलने और शत्रुता रोकने को तैयार है। हालांकि, अमेरिका ने इस प्रस्ताव को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया है। इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल का असर वैश्विक व्यापार और ईंधन की कीमतों पर साफ दिखने लगा है।
विमानन सेवाओं और उड़ानों पर बड़ा संकट
इस बीच, क्षेत्रीय तनाव का असर नागरिक विमानन पर भी पड़ा है। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने मध्य पूर्व के लिए अपनी उड़ानें रद्द या निलंबित कर दी हैं। इसी दौरान, दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 पर एक गंभीर सुरक्षा घटना सामने आई। विमान में सवार ओमान के सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छहर पर हमला कर दिया। हालांकि, यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने सूझबूझ दिखाते हुए हमलावर को काबू में कर लिया और विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबूक में उतारा गया। इस घटना के बाद एयरलाइन ने इजराइल के लिए अपनी सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी हैं।