जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर ईरानी हमलों के बाद भड़के राष्ट्रपति ट्रंप, दी कड़ी चेतावनी.

Aanya1 September 20263 min read18 viewsWorld
जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर ईरानी हमलों के बाद भड़के राष्ट्रपति ट्रंप, दी कड़ी चेतावनी.

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद ईरान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। Monday, August 31, 2026 को फॉक्स न्यूज से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिकी सुरक्षा बलों ने ज्यादातर आने वाले हथियारों को हवा में ही रोक दिया था, लेकिन इसके बावजूद वे इस मामले में एक बड़ा और कड़ा कदम उठाएंगे। इस तनाव के बाद खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां सफर करने वाले यात्रियों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है, क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि ईरान लगातार क्षेत्र में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहा है, जिससे आम जनजीवन और व्यापारिक यात्राओं पर भी असर पड़ सकता है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी सरकार की आलोचना करते हुए उसे एक ऐसा राष्ट्र बताया जिसकी अर्थव्यवस्था और सैन्य ताकत बुरी तरह से प्रभावित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की तरफ से लगाए गए कड़े प्रतिबंधों की वजह से देश की वित्तीय स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। इसी कड़ी में, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने भी G20 finance summit में कहा कि ईरान की आर्थिक स्थिति आने वाले कुछ हफ्तों या महीनों में और ज्यादा खराब हो सकती है, जिसकी वजह से वे इस तरह की आक्रामकता दिखा रहे हैं। इन बयानों से साफ पता चलता है कि दोनों देशों के बीच आने वाले दिनों में कूटनीतिक और सैन्य मोर्चे पर स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो सकती है।

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लार्स द्वीप पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई

यह पूरा घटनाक्रम तब और बढ़ गया जब August 30, 2026 को अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित Larak Island पर बहुत ही सीमित और सटीक सैन्य हमले किए। CENTCOM के अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि ये कार्रवाई इसलिए जरूरी थी क्योंकि वहां मौजूद ईरानी रॉकेट लॉन्चर अंतरराष्ट्रीय जहाजों और वैश्विक शिपिंग के लिए बहुत बड़ा खतरा बन रहे थे। इन कार्यवाहियों के तुरंत बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC ने यह जिम्मेदारी ली कि उन्होंने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं।

जॉर्डन और यूएई की प्रतिक्रिया

जॉर्डन की सेना ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि उन्होंने August 31 को अपने आसमान में आठ मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया, हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि ये मिसाइलें कहां से आई थीं। वहीं दूसरी ओर, संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के विदेश मंत्रालय ने अपने पानी के ऊपर एक ड्रोन के आने की घटना को तो स्वीकार किया, लेकिन उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि Al Minhad Air Base को निशाना बनाया गया था। इसके साथ ही, यूएई ने इस पूरी घटना को क्षेत्र के लिए एक खतरनाक escalation बताया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जहां August 31 को एक अज्ञात टैंकर के दो नौसैनिक खानों से टकराने की खबर आई और September 1 को ब्रिटिश समुद्री व्यापार संगठन ने बताया कि एक अन्य टैंकर को तीन प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया। यूरोपीय संघ ने भी इस पूरे मामले पर शांति बनाए रखने की अपील की है और क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ ईरान पर अपने पुराने प्रतिबंधों को जारी रखने की बात कही है।

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