डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को कभी नहीं मिलने देंगे परमाणु हथियार और जरूरत पड़ी तो हम और आगे बढ़ेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु हथियार मिलने से रोकने का दावा किया है और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अपने कड़े रुख को दोहराया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को करारा जवाब दिया है और यह सुनिश्चित करने के लिए कि तेहरान के पास कभी परमाणु हथियार न आएं, उनका प्रशासन और भी सख्त कदम उठा सकता है।
ट्रंप ने यह बात तब कही जब वह व्हाइट हाउस से आयोवा में एक चुनावी रैली के लिए निकल रहे थे। उन्होंने अपनी रणनीति को प्रशासन की एक बड़ी उपलब्धि बताया। ट्रंप ने कहा कि हालांकि उनके आलोचक हैं, लेकिन कई समर्थक उनके इन फैसलों का समर्थन करते हैं।
अक्टूबर 2026 के अंत तक सैन्य और राजनयिक तनाव काफी बढ़ गया है। ऐसी खबरें हैं कि अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के परमाणु स्थलों, ऊर्जा केंद्रों और मिसाइल या ड्रोन डिपो पर फिर से हमले करने की योजना बनाई है। इससे पहले 20 अक्टूबर को अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इजरायल का दौरा किया था, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ क्षेत्रीय खतरों पर चर्चा की।
दूसरी तरफ तेहरान ने बातचीत रोक दी है। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने चेतावनी दी है कि ईरान किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है। ईरान ने साफ किया है कि अगर अमेरिका या इजरायल ने हमला किया, तो वह खाड़ी क्षेत्र में तेल केंद्रों, डेटा सेंटरों, अंडरसी केबल्स और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर जवाबी हमला करेगा।
ईरान ने कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से आए उन प्रस्तावों को भी खारिज कर दिया है, जिनमें IAEA के निरीक्षण की बात कही गई थी। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वॉशिंगटन की चिंताओं को महज एक बहाना बताया और कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय समझौतों का पालन कर रहा है।
इससे पहले 23 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने वादा किया था कि ईरान दबाव में आकर अपने नागरिक परमाणु कार्यक्रम को नहीं छोड़ेगा। वहीं, मार्च 2026 में हुए हमलों के बाद मोजदेह और लविज़ान 2 जैसे ईरानी परमाणु केंद्रों पर सफाई का काम अब भी जारी है।