अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा अब बड़े फैसले का वक्त आ गया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार को एक इंटरव्यू के दौरान चेतावनी दी कि वह ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को लेकर एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर तेहरान अपना रवैया नहीं बदलता है तो इसके बहुत बड़े परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिकी नेटवर्क Fox News को दिए गए इंटरव्यू में अपनी रणनीति पर बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि उनके सामने कई रास्ते हैं जिनमें देश को तबाह करना, आर्थिक रूप से कमजोर होने देना या फिर कूटनीतिक समझौता करना शामिल है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में बहुत बड़ी घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। आगामी संयुक्त राष्ट्र महासभा की उच्च स्तरीय बैठक से पहले उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के साथ बातचीत करने की संभावना पर भी खुलापन दिखाया है।
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों पर बड़ी हलचल
क्षेत्र के बाकी हिस्सों में चल रहे संघर्षों को लेकर अमेरिका की नजर बनी हुई है। वाशिंगटन ने यमन के हूती विद्रोहियों के साथ संपर्क बनाए रखा है, खासकर सऊदी अरब की राजधानी Riyadh पर हाल ही में हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बाद। सऊदी सुरक्षा बलों ने इस हमले को सफलतापूर्वक हवा में ही रोक लिया था। इस घटना के बाद अमेरिकी प्रशासन हूती विद्रोहियों के खिलाफ संभावित सैन्य कदमों पर विचार कर रहा है। क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कैंप डेविड में अपनी रात की रुकने की योजना को बीच में ही रद्द कर दिया और तुरंत व्हाइट हाउस वापस लौट आए। सीएनएन के नेशनल सिक्योरिटी एनालिस्ट Alex Plitsas ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि राष्ट्रपति के आवास पर यमन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर गहन चर्चा की गई।
मध्य पूर्व में सुरक्षा चेतावनी और राजनयिक प्रयास
इन उच्च स्तरीय बैठकों के बाद मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी दूतावासों ने वहां रहने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी कर दी है। सुरक्षा का माहौल लगातार जटिल होता जा रहा है क्योंकि ईरान, यमन और पश्चिमी देशों के हित आपस में टकरा रहे हैं। सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने पहले ही हूती खतरे की गंभीरता को बताते हुए कहा था कि अगर निर्दोष यमनी नागरिकों की चिंता न होती तो सैन्य हस्तक्षेप से इस संघर्ष का बहुत पहले ही अंत हो चुका था। वर्तमान स्थिति को देखते हुए अमेरिकी राजनयिक मिशनों ने अपने नागरिकों को ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों से जुड़े ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। कतर की मध्यस्थता के जरिए ईरान के सुरक्षा प्रमुख Mohsen Rezaei ने अल अरेबिया को दिए इंटरव्यू में hostilities खत्म करने की शर्तें बताई हैं जिसमें सभी मोर्चों पर युद्ध बंद करना, राष्ट्रीय फंड को अनफ्रीज करना और नौकायन की नाकाबंदी खत्म करना शामिल है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से पहले यह संकट वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गया है।