डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर से सैन्य हमले की चेतावनी दी और कहा कि डील करने पर तनाव टाला जा सकता है

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ 'एपिक फ्यूरी' अभियान दोबारा शुरू करने के संकेत दिए हैं। जानें क्या है पूरा मामला।

Gautam Sahu25 October 20262 min read0 viewsWorld
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर से सैन्य हमले की चेतावनी दी और कहा कि डील करने पर तनाव टाला जा सकता है

फ्लोरिडा: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वॉशिंगटन ईरान के खिलाफ एक बार फिर 'एपिक फ्यूरी' सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। फ्लोरिडा में एक चुनावी रैली के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान किसी समझौते पर सहमत हो जाता है, तो वह आगे और तनाव बढ़ने से बच सकता है।

मूल 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' अमेरिका और इजरायल का एक साझा सैन्य अभियान था, जो 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने इस अभियान के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए बताया था कि इसका लक्ष्य ईरान की मिसाइल उत्पादन सुविधाओं और नौसेना बुनियादी ढांचे समेत सैन्य संपत्तियों को नष्ट करना और परमाणु प्रसार को रोकना था।

ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन के मुताबिक इस मिशन का मकसद ईरान की युद्ध संचालन क्षमता को बाधित करना, कम करना और पूरी तरह खत्म करना था।

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इस धमकी के जवाब में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 25 अक्टूबर 2026 को कहा कि संघर्ष दोबारा शुरू होने से ईरान के रणनीतिक रुख में कोई बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने दावा किया कि उनका देश पहले भी ऐसे दो प्रयासों का सामना कर चुका है।

हाल के दिनों में तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान ने स्ट्राइक और माइन्स के जरिए सात जहाजों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया। साथ ही ईरान ने समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों को काटने की धमकी भी दी है।

इससे पहले 8 अप्रैल 2026 को एक युद्धविराम हुआ था और 17 जून 2026 को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन ये कदम शत्रुता को रोकने में नाकाम रहे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों ने नए हमलों के लिए खास ऑपरेशनल प्लान तैयार कर लिए हैं। 23 अक्टूबर 2026 को पेश किए गए इंटेलिजेंस आकलन में यह बात सामने आई कि ईरान क्षेत्र में अमेरिकी कर्मियों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है।

वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत फिलहाल रुकी हुई है। इस साल की शुरुआत में अभियान के शुरुआती चरणों के दौरान सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की खबरों के बाद से क्षेत्र में घबराहट और अस्थिरता बढ़ गई है।

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