ईरान पर ट्रंप की चेतावनी, होर्मुज़ का नाम बदलने की फिर बात

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को कहा कि 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान अमेरिका के खिलाफ अपनी आक्रामक कार्रवाई बढ़ा सकता है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर तनाव पहले से ही चरम पर है, और ट्रंप के इस बयान ने इसे और गरमा दिया है।
ट्रंप के मुताबिक, वाशिंगटन का मानना है कि तेहरान को लगता है कि ऐसी उकसावे वाली कार्रवाइयों से अमेरिकी प्रशासन को राजनीतिक नुकसान होगा। हालांकि उन्होंने ट्रुथ सोशल पर साफ किया कि चुनाव से पहले अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने दोहराया कि होर्मुज़ पर अमेरिकी नेतृत्व वाली नाकेबंदी पूरी ताकत से लागू रहेगी।
समुद्र में हालात बिगड़ते हुए
अक्टूबर 2026 के पहले हफ्ते से ही होर्मुज़ में जहाजों पर हमले तेज़ हुए हैं। 1 से 9 अक्टूबर के बीच कम से कम नौ कच्चे तेल के टैंकरों पर हमले होने की खबर है, और लगभग रोज़ जहाजों को निशाना बनाए जाने की रिपोर्ट है। 10 अक्टूबर को, यानी ट्रंप के बयान वाले दिन, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर के अनुसार एक तेल टैंकर एक अनधिकृत मार्ग से गुजरते समय समुद्री सुरंग (नौसैनिक माइन) से टकरा गया।
7 अक्टूबर को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया कि ईरान का इस जलमार्ग पर नियंत्रण खत्म हो चुका है और प्रतिबंधों के कारण ईरानी अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उसी दिन ट्रंप ने कहा कि जो जहाज तेल नहीं ले जा रहा और इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे डुबोया जा सकता है।
ट्रंप पहले भी होर्मुज़ का नाम बदलकर "ट्रंप स्ट्रेट" रखने का सुझाव दे चुके हैं। यह विचार उन्होंने पहली बार 2 सितंबर 2026 को रखा था। उनका कहना है कि यह जलमार्ग अमेरिकी नौसेना और अमेरिका का है।
क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर भी अमेरिका का रुख सख्त है। 10 अक्टूबर को ट्रंप ने संकेत दिया कि रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए घातक हमले के बाद अमे