डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने बातचीत नहीं की तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान बातचीत से मना करता है तो अमेरिका 'एपिक फ्यूरी' के तहत फिर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

फोर्ट मायर्स (फ्लोरिडा): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर बातचीत के जरिए समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य अभियान चला सकता है। 23 अक्टूबर 2026 को फ्लोरिडा में समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका एक और 'एपिक फ्यूरी' ऑपरेशन शुरू कर सकता है।
यह सैन्य अभियान 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे और नेतृत्व पर हमले किए थे। ट्रंप ने किसी निश्चित तारीख या अंतिम फैसले की पुष्टि तो नहीं की, लेकिन उन्होंने सैन्य बल को तेहरान द्वारा बातचीत से इनकार करने के परिणाम के रूप में पेश किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या ईरान बातचीत में शामिल होकर समझदारी दिखाएगा।
इससे पहले 22 अक्टूबर को राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया था कि वह तेल की कीमतों को प्रभावित करने के लिए फर्जी खबरें फैला रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले तेल टैंकरों पर हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक माइन्स की झूठी रिपोर्टें बनाई हैं। फिलहाल अमेरिकी प्रशासन ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है और उन पर कड़ा आर्थिक दबाव बना रहा है।
दूसरी तरफ ईरान के सुरक्षा अधिकारियों ने धमकी दी है कि किसी भी नए सैन्य हमले के जवाब में वे समुद्र के नीचे बिछी संचार केबलों और अमेरिका से जुड़े डिजिटल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएंगे। यह संघर्ष अब आठ महीने के करीब पहुंच गया है और स्थिति काफी तनावपूर्ण है।
फ्रांसीसी विदेश मंत्री जीन-नोएल बारोट ने आगाह किया है कि अगर तनाव और बढ़ा तो इसमें किसी की जीत नहीं होगी और वैश्विक हाइड्रोकार्बन कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आ सकता है। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब 27 अक्टूबर को इजरायल और 3 नवंबर को अमेरिका में चुनाव होने वाले हैं।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं और नौसैनिक संपत्तियों को नष्ट करना और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था।