डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि राजनयिक समझौता न होने पर अमेरिका फिर से बड़ा सैन्य हमला कर सकता है
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर राजनयिक समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

फ्लोरिडा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को औपचारिक सैन्य चेतावनी जारी की है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर ईरान के साथ राजनयिक समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका एक बार फिर उस पर हमला कर सकता है।
23 अक्टूबर 2026 को फ्लोरिडा में एक चुनावी रैली के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान को बात मानने पर मजबूर करने के लिए अमेरिका एक और 'एपिक फ्यूरी' जैसा हमला कर सकता है।
ट्रंप ने यह भी सुझाव दिया कि मध्य पूर्व से वापस लौट रहे अमेरिकी नौसेना के जहाजों को क्यूबा की ओर मोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि राजनयिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए फ्लोरिडा के सीनेटर मार्को रूबियो को भेजा जा सकता है।
यह चेतावनी तुर्की में अमेरिकी राजदूत और विशेष दूत टॉम बैराक के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई इसी सप्ताहांत शुरू हो सकती है।
इससे पहले 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' चलाया था। रक्षा विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक, इस अभियान में ईरान के नेतृत्व, मिसाइल, ड्रोन क्षमताओं और रक्षा औद्योगिक आधार को निशाना बनाया गया था, जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी।
व्हाइट हाउस ने उस समय इस ऑपरेशन को परमाणु हथियारों के अधिग्रहण को रोकने के लिए जरूरी बताया था। 38 दिनों तक चले इस सैन्य अभियान का आधिकारिक तौर पर समापन 5 मई 2026 को हुआ था।
स्टेट डिपार्टमेंट द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 29 जून 2026 तक इस संघर्ष में 33.4 अरब डॉलर का खर्च आया। इस दौरान अमेरिका के सात सैन्यकर्मी मारे गए और 417 घायल हुए थे।