ट्रंप की ईरान को चेतावनी: समझौता न हुआ तो 'पिकैक्स माउंटेन' पर हमला कर सकते हैं
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के 'पिकैक्स माउंटेन' परमाणु केंद्र को निशाना बना सकता है।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्ष को सुलझाने के लिए तेहरान के साथ कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान के 'पिकैक्स माउंटेन' केंद्र को निशाना बनाने के लिए मजबूर हो सकता है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को अविश्वसनीय बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अभी भी समझौता होने की 'बहुत अच्छी संभावना' बनी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जान-माल के नुकसान को बचाने के लिए कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देना चाहते हैं।
सैन्य क्षमता का जिक्र करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना इस तरह के सैन्य अभियान को 'सिर्फ एक घंटे' में अंजाम देने की काबिलियत रखती है।
यह केंद्र आधिकारिक तौर पर 'कुह-ए कोलंग गाज़ ला' के नाम से जाना जाता है। यह इस्फ़हान प्रांत में नतांज़ परमाणु संवर्धन परिसर से लगभग 1.5 किलोमीटर दक्षिण में ज़ाग्रोस पर्वतमाला में स्थित एक भूमिगत सुरंग परिसर है। विदेशी विश्लेषकों ने इसके फारसी नाम के अनुवाद के रूप में इसे 'पिकैक्स माउंटेन' कहना शुरू किया है।
कठोर ग्रेनाइट चट्टानों के बीच गहराई में स्थित होने के कारण इस केंद्र को बेहद सुरक्षित माना जाता है और इसे नष्ट करना मुश्किल है। जानकारों का लंबे समय से यह अनुमान है कि ईरान ने अपने यूरेनियम सेंट्रीफ्यूज या अन्य परमाणु सामग्री को इस परिसर में स्थानांतरित कर दिया होगा।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कुछ लक्ष्यों पर अमेरिका द्वारा सीमित रक्षात्मक सैन्य हमलों की खबरें भी सामने आई हैं।