सऊदी की राजधानी रियाद पर मिसाइल हमला, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दिए संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत.

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कैंप डेविड से व्हाइट हाउस लौटने के बाद यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ संभावित सैन्य हमलों के विकल्पों पर गहराई से विचार किया है। यह स्थिति पिछले दिनों हुए एक बड़े हमले के बाद सामने आई है, जब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी Riyadh को निशाना बनाकर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी। सऊदी रक्षा प्रणाली ने इस हमले को सफलतापूर्वक हवा में ही नाकाम कर दिया था, लेकिन इस घटना के बाद मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है।
सऊदी अरब की जवाबी कार्रवाई और अमेरिकी रुख
हूती विद्रोहियों ने रियाद के संवेदनशील ठिकानों और यान्बू के तेल कारखानों को निशाना बनाने की बात कही थी, जिसके जवाब में सऊदी अरब ने पिछले 24 घंटे में यमन के भीतर हूती नियंत्रित इलाकों पर 26 हवाई हमले किए। सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman की तरफ से लगातार यह अपील की जा रही है कि अमेरिका सीधे तौर पर इस सैन्य कार्रवाई में शामिल हो। हालांकि, राष्ट्रपति Donald Trump ने अभी तक सीधे सैन्य हमलों की अनुमति देने से इनकार किया है और केवल खुफिया जानकारी तथा टार्गेटिंग में मदद देने का फैसला किया है। अमेरिकी प्रशासन साल 2025 के संघर्ष विराम समझौते को ध्यान में रखते हुए काम कर रहा है और एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ किया है कि जब तक हूती अमेरिकी जहाजों को निशाना नहीं बनाएंगे, तब तक अमेरिका सीधी सैन्य भागीदारी से बचेगा। ओमान में अमेरिकी अधिकारियों और हूती प्रतिनिधियों के बीच हुई गुप्त बैठकों में भी इस बात पर चर्चा हुई थी कि अमेरिका को इस संघर्ष से दूर रखा जाए।
क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय चिंताएं
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मध्य पूर्व में सुरक्षा को लेकर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। गत 19 सितंबर को इजराइल स्थित अमेरिकी दूतावास सहित पूरे क्षेत्र के अमेरिकी मिशनों ने यात्रा में रुकावट और एयरस्पेस बंद होने की चेतावनी जारी की थी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी एक औपचारिक बयान जारी कर नागरिकों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हूती हमलों की कड़ी निंदा की है। इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल Brad Cooper स्थिति का जायजा लेने और आगे की रणनीति पर बात करने के लिए इस समय सऊदी अरब में मौजूद हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने शनिवार को यह भी बताया कि हूती चाहते हैं कि अमेरिका इस लड़ाई से दूर रहे, जबकि अमेरिका ईरान द्वारा इस विद्रोही समूह को दिए जा रहे समर्थन के खिलाफ अपनी भू-राजनीतिक रणनीति पर कायम है। इस मामले की विस्तृत जानकारी के लिए आप ANI News पर जा सकते हैं।