मक्का रक्षा समझौता: तुर्की ने साफ किया, हमला करने के लिए नहीं भेजेंगे सेना

तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने मक्का रक्षा समझौते (Mecca Agreement) को लेकर दुनिया के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तुर्की इस समझौते के तहत किसी दूसरे देश की जमीन पर हमलावर मोर्चे पर अपनी सेना तैनात नहीं करेगा। फिदान के अनुसार, 7 अगस्त 2026 को हस्ताक्षरित यह समझौता पूरी तरह से एक रक्षात्मक संधि है, जिसका मकसद केवल सामूहिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
विदेश मंत्री ने विस्तार से बताया कि इस गठबंधन की शर्त यह है कि यदि किसी सदस्य देश पर हमला होता है, तो अन्य साथी देश उसकी मदद के लिए खड़े होंगे। यह किसी भी तरह से आक्रामक सैन्य अभियानों को चलाने का मंच नहीं है। इसी बात की पुष्टि तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने भी की है। मंत्रालय ने कहा कि मक्का संयुक्त रक्षा समझौते (MJDA) के तहत भेजी जाने वाली कोई भी सैन्य टुकड़ी तुर्की के संविधान और राष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहकर ही काम करेगी।
सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए एकजुट हुए तीन देश
यह रक्षा समझौता तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुआ है। हाल ही में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी हवाई अड्डों और मक्का व मदीना जैसे पवित्र शहरों पर किए गए हमलों के बाद इस संधि को सक्रिय किया गया। 5 अक्टूबर 2026 को रियाद में हुई एक आपातकालीन बैठक के बाद, इन तीनों देशों ने सऊदी अरब की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए सैन्य संसाधनों की त्वरित तैनाती पर सहमति जताई थी।
इस मिशन में पाकिस्तान ने पहले ही अपनी बड़ी भूमिका निभाते हुए 8,000 सैनिकों के साथ-साथ लड़ाकू विमान, ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिए हैं। वहीं, तुर्की की भूमिका मुख्य रूप से तकनीकी सहायता तक सीमित रहने की उम्मीद है, जिसमें खुफिया जानकारी साझा करना, ड्रोन ऑपरेटर और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे।
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार ने भी तुर्की के दावों का समर्थन करते हुए कहा कि इस समझौते का कोई आक्रामक एजेंडा नहीं है। गौरतलब है कि इस गठबंधन ने हाल ही में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल नौमान महमूद को अपना पहला महासचिव नियुक्त किया है और अब यह गठबंधन अपने सचिवालय के ढांचे और रक्षा उद्योग सहयोग पर काम कर रहा है। तुर्की सरकार अब इस समझौते को अंतिम कानूनी मंजूरी के लिए अपनी संसद में पेश करने की तैयारी पूरी कर चुकी है।