Saudi Arabia पर हूती हमलों के बीच तुर्किए ने दी सैन्य मदद की पूरी गारंटी, मक्का पैक्ट का हुआ ऐलान

तुर्किए के विदेश मंत्री Hakan Fidan ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि मक्का समझौते के तहत सऊदी अरब की सैन्य जरूरतों को पूरा करने में अंकारा को कोई कठिनाई नहीं होगी। तुर्किए इस समय पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक संघर्ष के बीच सऊदी अरब और यमन के हूती आंदोलन के बीच बढ़ते तनाव पर बहुत करीब से नजर रख रहा है। एक तुर्किए प्रसारक एनटीवी से बात करते हुए उन्होंने सुरक्षा स्थिति का मूल्यांकन किया और इस बात पर जोर दिया कि सऊदी अरब को ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे बड़े संघर्ष में नहीं घसीटा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब इस समीकरण से बाहर रहना चाहता है क्योंकि वे इसमें शामिल होने की कोशिश नहीं कर रहे हैं और मक्का गठबंधन के सदस्य के रूप में वे लगातार हालातों पर नजर बनाए हुए हैं।
मक्का गठबंधन और सैन्य मुख्यालय का काम लगभग पूरा
तुर्किए के विदेश मंत्री ने आगे बताया कि मक्का गठबंधन अब संस्थागत रूप ले रहा है और इसके संगठनात्मक ढांचे तथा सैन्य मुख्यालय का काम लगभग पूरा होने की कगार पर पहुंच गया है। समझौते में परिकल्पित सचिवालय की स्थापना और इसके कमान के तहत एक सैन्य मुख्यालय को जीवन में लाने का काम लगभग समाप्त हो चुका है। अब केवल कर्मियों को भेजने और मुख्यालय को संचालित करने का काम बाकी है। यह गठबंधन किसी बाहरी खतरे के खिलाफ नहीं बल्कि आंतरिक क्षेत्रीय समस्याओं को बेहतर ढंग से हल करने और आपसी विश्वास का माहौल बनाकर नए संकटों को रोकने के लिए बनाया गया है। इस त्रिपक्षीय समझौते को आधिकारिक तौर पर मक्का ज्वॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट के नाम से जाना जाता है जिसे 7 अगस्त को मक्का में सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman, तुर्किए के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif द्वारा साइन किया गया था जिसकी जानकारी ANI ने दी है।
हूती विद्रोहियों के हमलों से बढ़ी चिंता
हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब को निशाना बनाकर किए गए हमलों के बाद तुर्किए का यह बयान सामने आया है। टेलीग्राम पर एक बयान में हूतियों ने दावा किया था कि उन्होंने बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों तथा ड्रोनों का उपयोग करके दो सैन्य अभियान चलाए हैं, जिसमें रियाद और यानबू में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। हूतियों के इन हमलों के कारण सऊदी अरब की क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता और बुनियादी ढांचे पर गंभीर हमले हो रहे हैं जिसके बाद तुर्किए ने अपने समझौतों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है। राष्ट्रपति अपने वादों को पूरा करने वाले नेता हैं और राज्य के रूप में साइन किए गए समझौते के तहत दोनों देश इस मुद्दे पर पूरी एकजुटता के साथ खड़े हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में गतिरोध
क्षेत्रीय संकट पर बात करते हुए Hakan Fidan ने यह भी कहा कि तनाव को कम करने के प्रयास जारी हैं लेकिन वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत पिछले कुछ महीनों से गतिरोध में फंसी हुई है। इस गतिरोध के कारण यमन की तरफ से बाब अल-मदब जलडमरूमध्य का खुलना और सऊदी अरब की तरफ विस्तारवादी अभियान जैसी क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। तुर्किए का मुख्य प्रयास चल रही अमेरिका-ईरान वार्ताओं को किसी निष्कर्ष पर पहुंचाना है हालांकि दोनों पक्षों के बीच अविश्वास की एक बड़ी खाई बनी हुई है। इस निरंतर संकट के कारण ऊर्जा मार्गों में गंभीर बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं जिससे तुर्किए जैसे आयातित ऊर्जा पर निर्भर देशों के लिए आर्थिक प्रबंधन की एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।