अबू दुहूर एयरबेस पर इजराइली हमले से तुर्किये-सीरिया नाराज, कहा अस्थिर करने की हो रही कोशिश.

अबू दुहूर एयरबेस पर हुए हालिया इजराइली सैन्य हमलों को लेकर तुर्किये और सीरिया ने कड़ी नाराजगी जताई है। दोनों देशों के नेताओं ने साफ कहा कि इजराइल लगातार ऐसे कदम उठा रहा है जिससे पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता पर असर पड़ रहा है। 13 सितंबर को दमिश्क में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान इस मुद्दे पर खुलकर बातचीत हुई और इजराइली नीतियों की तीखी आलोचना की गई। यह पूरा घटनाक्रम मध्य पूर्व की राजनीति में चल रहे तनाव को साफ तौर पर दिखाता है और आम लोगों के बीच चिंता का विषय बनता जा रहा है।
तुर्किये के विदेश मंत्री का कड़ा बयान
दमिश्क की यात्रा पर पहुंचे तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने सीरियाई विदेश मंत्री असद अल-शैबानी के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि इजराइल बार-बार हमले करके सीरिया को कमजोर और अस्थिर करने की कोशिश में लगा हुआ है। उन्होंने बताया कि सीरिया धीरे-धीरे इस क्षेत्र और पूरी दुनिया के लिए उम्मीद का एक नया केंद्र बन रहा है, लेकिन इजराइल की आक्रामक नीतियां इस सकारात्मक दिशा में सबसे बड़ी रुकावट बन रही हैं। फिदान ने उत्तर-पश्चिमी सीरिया में स्थित अबू दुहूर सैन्य एयरबेस पर हुए हालिया हमले को इसका सबसे ताजा और बड़ा उदाहरण बताया।
एयरबेस हमले पर इजराइल और अंकारा का पक्ष
जानकारी के अनुसार, इजराइल ने पिछले महीने ही इस महत्वपूर्ण एयरबेस पर जोरदार बमबारी की थी। इजराइली पक्ष का दावा था कि इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य तुर्किये के सैनिकों को उस इलाके में तैनात होने से रोकना था। हालांकि, तुर्किये की राजधानी अंकारा ने इस दावे को पूरी तरह खारिज किया और एयरबेस पर अपने किसी भी प्रतिनिधिमंडल या सैनिकों की मौजूदगी से साफ इनकार किया। सीरियाई विदेश मंत्री असद अल-शैबानी ने इस हमले को सीरिया में राज्य निर्माण की प्रक्रिया को कमजोर करने वाला एक गैर-कानूनी कदम बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कार्रवाई का कोई भी वैध या कानूनी आधार नहीं है और इससे सीरिया और तुर्किये के आपसी संबंधों पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ेगा।
क्षेत्रीय सुरक्षा और भविष्य की योजनाएं
शैबानी ने इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों के खिलाफ दमिश्क के रुख को बेहद स्पष्ट और अडिग बताया। उन्होंने उन तमाम क्षेत्रों से इजराइली सेना की तुरंत और पूरी वापसी की मांग की, जहां उसने बशर अल-असद सरकार के पतन के बाद सैन्य हस्तक्षेप किया है। इस पूरी बैठक के दौरान क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ द्विपक्षीय सहयोग पर भी विस्तार से चर्चा हुई। तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने यह भी जानकारी दी कि आने वाले दिनों में तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन के सीरिया दौरे की पूरी संभावना है, हालांकि उन्होंने इस संभावित यात्रा की कोई निश्चित तारीख अभी साझा नहीं की है।