तुर्की की इसराइल को कड़ी चेतावनी, कहा क्षेत्रीय शांति बिगाड़ना बंद करे और न देखे खाली सपने.

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस समय तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है और इसी बीच तुर्की की संसद के अध्यक्ष ने इसराइल को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। 19 सितंबर 2026 को तुर्की की संसद के अध्यक्ष Numan Kurtulmus ने इसराइल को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि वह किसी भी तरह के खाली सपने देखना बंद कर दे। इस पूरी घटना की लाइव अपडेट अल जज़ीरा द्वारा प्रसारित की गई थी, जिसके बाद दुनिया भर में इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हो गई है। तुर्की सरकार लगातार इसराइल की विदेश नीतियों की कड़ी आलोचना कर रही है और क्षेत्रीय शांति को लेकर अपनी चिंता जता रही है।
तुर्की और इसराइल के बीच बढ़ता कूटनीतिक तनाव
तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan ने भी इसराइल पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इसराइल लगातार क्षेत्रीय शांति के प्रयासों को कमजोर करने का काम कर रहा है और तुर्की हर हाल में युद्धविराम के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस diplomatic तनाव को उस समय और हवा मिली जब तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan ने सीरिया का दौरा किया। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने सीरियाई स्थिरता के लिए इसराइल को सबसे बड़ा खतरा बताया। विदेश मंत्री के इन बयोंनों से ठीक पहले इसराइल ने अगस्त 2026 में सीरिया के Abu al-Duhur एयरबेस पर एक एयरस्ट्राइक की थी, हालांकि तुर्की ने इस सैन्य ठिकाने पर अपनी किसी भी तरह की मौजूदगी से साफ इनकार किया है और सीरिया की संप्रभुता का पूरा समर्थन करने की बात कही है।
संयुक्त राष्ट्र में इसराइल की सदस्यता पर सवाल
संसद के अध्यक्ष Numan Kurtulmus ने पहले भी इसराइल की नीतियों का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से इसराइल की सदस्यता को निलंबित करने की मांग उठाई थी। एक नाटो संसदीय शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने इसराइल के उन विधायी प्रस्तावों की तुलना रंगभेद के दौर के दक्षिण अफ्रीका से की थी, जिनमें फिलिस्तीनी कैदियों के लिए मौत की सजा का प्रावधान शामिल है। उनका मानना है कि जब तक फिलिस्तीनियों को उनके अधिकार नहीं मिलते, तब तक मध्य पूर्व में स्थायी शांति आना नामुमकिन है।
वित्तीय धोखाधड़ी और गिरफ्तारी का बड़ा मामला
राजनीतिक बयानों के अलावा कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। 19 सितंबर 2026 को इस्तांबुल के अभियोजकों ने एक अंतरराष्ट्रीय निवेश धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 191 संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिनमें 9 इसराइली नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का आरोप है कि इस ठग नेटवर्क ने पीड़ितों से 3 अरब डॉलर से ज्यादा की भारी रकम ठगी है। दूसरी ओर, द नेशनल इंट्रेस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइल और तुर्की के बीच सीरिया में अपना प्रभाव बढ़ाने को लेकर लगातार खींचतान चल रही है, जिससे आने वाले समय में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।