तुर्की के विदेश मंत्री ने युद्ध करने वालों को दी कड़ी चेतावनी, कहा क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा

Sushma Kumari31 August 20262 min read6 viewsSaudi
तुर्की के विदेश मंत्री ने युद्ध करने वालों को दी कड़ी चेतावनी, कहा क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा

क्षेत्रीय राजनीति में तनाव बढ़ता जा रहा है और तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan ने युद्ध में शामिल देशों पर बड़ा हमला बोला है। 31 अगस्त 2026 को उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो देश इस समय चल रहे संघर्ष में हिस्सा ले रहे हैं, वे पूरे इलाके को तबाह करने का काम कर रहे हैं। यह बात उन्होंने इस्तांबुल में स्ट्रैटेजिक पॉलिटिकल एंड डिफेंस कमेटी की पहली बैठक के दौरान कही। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य Mecca Joint Defense Agreement को जमीन पर उतारना था, जिसे इस साल 7 अगस्त 2026 को तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच साइन किया गया था।

मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर क्या बोले मंत्री

सऊदी अरब के विदेश मंत्री Faisal bin Farhan Al Saud के साथ बातचीत के दौरान Hakan Fidan ने यह स्पष्ट किया कि यह समझौता किसी भी खास देश के खिलाफ नहीं बनाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस trilateral पार्टनरशिप में दुनिया के अन्य देशों को जोड़ने के लिए एक नया रोडमैप तैयार किया जा रहा है। तुर्की के मंत्रियों का यह रुख साफ करता है कि खाड़ी देशों के साथ उनका सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है, जिसका असर वहां रहने वाले प्रवासियों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी सीधा पड़ता है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इजराइल के प्रधानमंत्री पर तीखा हमला

तुर्की के नेताओं की तरफ से इजराइल के खिलाफ बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। Hakan Fidan ने इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को सुरक्षा और इंसानियत का दुश्मन करार दिया और उनके ऊपर नरसंहार जैसे गंभीर आरोप लगाए। इससे पहले 30 अगस्त 2026 को तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan ने भी खुलकर जायोनिज़्म की निंदा की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि इजराइल की सरकार गाजा में लगातार ऐसे हालात पैदा कर रही है जिससे पूरे क्षेत्र की शांति भंग हो रही है और वहां अस्थिरता फैल रही है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

दूसरी तरफ, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी। 31 अगस्त 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी इजराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को आड़े हाथों लिया और उन्हें एक खतरनाक सांप की संज्ञा दी। उन्होंने दावा किया कि इजराइल ने अपने स्वार्थ के लिए वाशिंगटन को इस युद्ध में धकेल दिया है। इस तनातनी के बीच, 30 अगस्त 2026 को अमेरिकी सेना ने लारक द्वीप पर एयरस्ट्राइक्स की थीं, जिसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन और यूएई में बने अमेरिकी सैन्य अड्डों पर पलटवार किया। इन सबके बावजूद, ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 31 अगस्त 2026 को यह माना कि अमेरिका के साथ इस युद्ध को आगे खींचना तेहरान के रणनीतिक हित में बिल्कुल नहीं है।

Share:

Comments

Leave a comment