वेस्ट बैंक बस्तियों के सामान पर 12 देशों का बैन, ब्रिटेन और इसराइल के बीच बढ़ा तनाव.

दुनियाभर के कई बड़े देशों ने मिलकर इसराइल के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है और वेस्ट बैंक की अवैध बस्तियों में बनने वाले सामानों पर आयात प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। 8 सितंबर 2026 को कुल 12 देशों ने मिलकर इस बात की घोषणा की है कि वे इसराइल की अवैध बस्तियों से आने वाले सामानों का व्यापार रोकेंगे। इन देशों में यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, कनाडा, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, आयरलैंड, नार्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, स्पेन और स्वीडन शामिल हैं। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने बताया कि वहां लगातार बढ़ रही हिंसा और बस्तियों के फैलाव के कारण उन्हें यह सख्त कदम उठाना पड़ रहा है।
ब्रिटेन का बड़ा फैसला और प्रतिबंध
ब्रिटिश विदेश सचिव Ed Miliband ने जानकारी दी कि उनका देश अगले 6 से 9 महीनों के भीतर इन बस्तियों से आने वाले सामानों पर पूरी तरह बैन लगा देगा। इसके अलावा ब्रिटेन ने उन लोगों और कंपनियों पर भी पाबंदी लगाने का फैसला किया है जो इन बस्तियों के निर्माण, पैसे के लेन-देन या रियल एस्टेट के काम में मदद कर रहे हैं। ब्रिटिश सरकार ने साल 2025 में फिलिस्तीन को एक अलग देश के रूप में मान्यता दी थी और इस नए फैसले को अंतरराष्ट्रीय अदालत के उस पुराने आदेश से जोड़ा गया है जिसमें वेस्ट बैंक पर इसराइल के कब्जे को गैरकानूनी बताया गया था। ब्रिटिश अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ बस्तियों के लोग गलत गतिविधियों में शामिल हैं।
इसराइल का पलटवार और अमेरिका की प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के इस कदम के जवाब में इसराइल के विदेश मंत्री Gideon Sa'ar ने तुरंत कई सख्त कदम उठाने का ऐलान किया। इसराइल ने यरुशलम में स्थित ब्रिटिश कंसुलट को बंद करने का आदेश दिया और सैन्य केंद्र से ब्रिटिश प्रतिनिधियों को बाहर कर दिया। इसके अलावा फिलिस्तीनी सुरक्षा बलों को दी जाने वाली ब्रिटेन की ट्रेनिंग भी बंद कर दी गई है और इसराइल विरोधी गतिविधियों में शामिल बताए जा रहे 12 ब्रिटिश अधिकारियों के देश में आने पर रोक लगा दी गई है। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिका के राजदूत Mike Huckabee ने ब्रिटेन के इस फैसले की आलोचना की और इसे गलत बताते हुए अमेरिका में काम कर रही ब्रिटिश कंपनियों के लिए मुश्किलों की आशंका जताई।
अन्य देशों की कार्रवाई और नीदरलैंड का सख्त रुख
ब्रिटेन के अलावा बाकी देश भी अपने स्तर पर इस दिशा में काम कर रहे हैं। नीदरलैंड सरकार ने आधिकारिक गजट में जानकारी देते हुए बताया कि वह 22 सितंबर 2026 से अवैध बस्तियों के सामानों की खरीद-फरोख्त और आयात पर पूरी तरह रोक लगा देगी। फ्रांस इस मामले में आगे बढ़कर पूरे यूरोपीय संघ में ऐसा ही प्रतिबंध लगवाने के लिए कोशिश कर रहा है। इसके अलावा आयरलैंड, स्पेन, नॉर्वे और बेल्जियम जैसे देश भी अपने यहां इसी तरह के व्यापारिक नियमों को लागू करने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने इन सभी देशों के इस संयुक्त कदम का स्वागत किया है और कहा है कि इससे वेस्ट बैंक में हिंसा और कब्जे को खत्म करने में मदद मिलेगी।