होर्मुज जलडमरूमध्य के पास सऊदी टैंकर पर हमला, दो फिलिपीनी नाविकों की मौत, अमेरिका ने किया पलटवार

सऊदी अरब से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है जहाँ होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक बड़े शिपिंग हादसे में दो लोगों की जान चली गई। सऊदी अरब की नेशनल शिपिंग कंपनी Bahri ने आधिकारिक तौर पर बुधवार, 2 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी कि उनके सुपरटैंकर 'SIDR' पर हुए सुरक्षा हमले में दो फिलिपीनी नाविकों की मौत हो गई। यह घटना सोमवार, 31 अगस्त 2026 की रात लगभग 11:40 बजे स्थानीय समय के अनुसार हुई जब यह जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान जारी करके सुरक्षा मानकों पर जोर दिया और कहा कि वे संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जांच कर रहे हैं। इस घटना के बाद से खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और उनके परिवारों के बीच चिंता का माहौल बन गया है, खासकर उन लोगों में जो जहाजी बेड़े या समुद्री परिवहन से जुड़े हुए हैं।
यूकेएमटीओ की रिपोर्ट और ईरान का दावा
इससे पहले यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने भी 31 अगस्त को एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें बताया गया था कि जलडमरूमध्य से बाहर की तरफ जा रहे एक टैंकर पर तीन अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया था। इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC ने बुधवार को यह दावा किया कि समुद्री खदानों से टकराने के बाद दो तेल टैंकर बेकार हो गए थे। IRGC ने यह भी आरोप लगाया कि टैंकर 'SIDR' ने तय रूट का इस्तेमाल न करके नेविगेशन नियमों का उल्लंघन किया था। उन्होंने चेतावनी दी कि जो जहाज सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें इसी तरह के परिणामों का सामना करना पड़ेगा। इस तरह की घटनाओं से खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा के हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं, जिसका सीधा असर वहां रहने वाले आम कामगारों और प्रवासियों की दैनिक सुरक्षा पर पड़ता है।
अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमले
इन सभी घटनाओं के जवाब में अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को यह घोषणा की कि अमेरिकी सेना जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर बड़े हमले शुरू कर रही है। इसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने बुधवार को पुष्टि की कि इन सैन्य अभियानों में ईरानी सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया गया। इन ठिकानों में एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री सुविधाएं, खदान बिछाने की क्षमता और संचार ढांचा शामिल था। अमेरिकी सेना ने इस कार्रवाई को क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग और अमेरिकी सर्विस मेंबर्स पर IRGC द्वारा किए गए हालिया हमलों के खिलाफ एक जवाबी कदम बताया। खाड़ी देशों में इस प्रकार के सैन्य तनाव का असर वहां की अर्थव्यवस्था और नौकरी करने वाले आम प्रवासियों की सुरक्षा पर भी देखने को मिलता है, जिससे हर कोई सतर्क रहने की कोशिश कर रहा है।