Southern Lebanon Blast: इसराइल और लेबनान सीमा पर बड़ा धमाका, दो सैनिक घायल.

Praggya Singh sabal19 September 20262 min read20 viewsEnglish
Southern Lebanon Blast: इसराइल और लेबनान सीमा पर बड़ा धमाका, दो सैनिक घायल.

दक्षिण लेबनान में हुए एक जोरदार धमाके में इसराइल के दो सैनिक घायल हो गए। यह घटना Friday, September 19, 2026 को हुई, जब इसराइली सेना का एक इंजीनियरिंग वाहन इलाके में गश्त कर रहा था। इसराइली डिफेंस फोर्सेज यानी IDF के मुताबिक, यह विस्फोट हिजबुल्लाह द्वारा पहले से लगाए गए एक विस्फोटक उपकरण की वजह से हुआ। घायल सैनिकों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और उनके परिवारों को घटना की सूचना दे दी गई। इस घटना के बाद सीमा पर तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है और दोनों पक्षों के बीच लगातार सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।

IDF की जवाबी कार्रवाई और सैन्य ठिकाने

इस हमले के जवाब में इसराइली सेना यानी IDF ने दक्षिण लेबनान में हिजबुल्लाह के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए। इन ठिकानों में निगरानी चौकियां और अन्य सामरिक स्थल शामिल थे। सेना की तरफ से यह साफ किया गया कि उनका सुरक्षा जोन में रहना पहले से तय समझौतों के दायरे में आता है और वे अपने नागरिकों तथा सैनिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस इलाके में लंबे समय से हिजबुल्लाह और इसराइली सेना के बीच तनातनी बनी हुई है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें भी लगातार बढ़ती जा रही हैं।

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लेबनान और इसराइली सेना के बीच तनाव

इसी दिन दीर मिमास इलाके में लेबनान की सेना और इसराइली बलों के बीच एक तीखा गतिरोध देखने को मिला। लेबनान की सेना ने जानकारी दी कि इसराइली सैनिक एक ऑब्जरवेशन पॉइंट के करीब आ गए थे, जिसे स्थानीय किसानों की मदद के लिए September 10, 2026 को बनाया गया था। इस दौरान इसराइली बलों ने स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय सैन्य समन्वय समूह के दखल के बाद मामले को शांत कराया गया और इसराइली सैनिकों को वहां से वापस जाना पड़ा। लेबनान की सेना इस इलाके में 'येलो लाइन' या इसराइली सुरक्षा जोन को आधिकारिक सीमा नहीं मानती है।

युद्धविराम और शांति समझौतों पर संकट

यह तमाम घटनाएं एक अमेरिकी प्रायोजित समझौते की पृष्ठभूमि में घटित हो रही हैं, जिसे June 26, 2026 को साइन किया गया था। इस समझौते के तहत लेबनानी क्षेत्र से इसराइली सेना को धीरे-धीरे बाहर जाना था और लेबनान की अपनी सेना को वहां तैनात होना था। इसके बावजूद मैदानी हालात जस के तस बने हुए हैं। हिजबुल्लाह ने पहले ही अगस्त 2026 में यह साफ कर दिया था कि वह इसराइली सैन्य कार्रवाइयों का कड़ा जवाब देगा और उसने चल रही बातचीत को अपमानजनक बताते हुए खारिज कर दिया था।

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