West Bank में इजरायली सेना की छापेमारी, दो फिलिस्तीनी युवकों की गोली लगने से मौत.

Aanya3 September 20262 min read21 viewsWorld
West Bank में इजरायली सेना की छापेमारी, दो फिलिस्तीनी युवकों की गोली लगने से मौत.

कब्जे वाले वेस्ट बैंक के रामल्लाह के पास अल-मुघय्यर गांव में बुधवार, 2 सितंबर 2026 की शाम को एक बड़ी हिंसक घटना सामने आई। इस दौरान इजरायली सेना की कार्रवाई में दो फिलिस्तीनी किशोरों की जान चली गई, जिनकी पहचान 19 साल के मोहम्मद नास्सान और खलील अबू आलिया के रूप में हुई है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और स्थानीय लोगों में गहरा गुस्सा देखने को मिल रहा है।

घटना की पूरी जानकारी और सरकारी पुष्टि

फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन दोनों मौतों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है, हालांकि खलील अबू आलिया की उम्र को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में 16 से 19 साल के बीच होने की बात कही गई थी। अल-मुघय्यर गांव परिषद के प्रमुख अमिन अबू आलिया ने WAFA न्यूज़ एजेंसी को बताया कि इजरायली settlers सुरक्षा बलों के साथ मिलकर घरों में घुस आए थे और मवेशियों को चुराने की कोशिश कर रहे थे। जब गांव के लोगों ने इसका विरोध किया और सामने आए, तो छतों पर तैनात इजरायली सेना के स्निपर्स ने स्थानीय निवासियों पर सीधी लाइव फायरिंग शुरू कर दी।

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रेड क्रीसेंट सोसाइटी की कार्रवाई और सेना का बयान

फिलिस्तीनी रेड क्रीसेंट सोसाइटी (PRCS) के आपातकालीन दलों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मेडिकल जांच में सामने आया कि पीड़ितों को गर्दन और पीठ पर गंभीर लाइव गोलियां लगी थीं, जिससे उनकी जान चली गई। वहीं दूसरी ओर, इजरायली सेना ने एक बयान जारी कर कहा कि उनके सैनिक पुलिस और एक इजरायली नागरिक को मवेशी वापस लाने में सुरक्षा देने के लिए उस गांव में गए थे। सेना का यह भी दावा है कि उन्होंने पथराव जैसी हिंसक गतिविधियों में शामिल मुख्य लोगों को निशाना बनाकर गोली चलाई थी और इस पूरे मामले की अभी जांच की जा रही है।

हमास की कड़ी प्रतिक्रिया और पिछला तनाव

हमास संगठन ने इन दोनों युवाओं की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इजरायली बलों तथा सेटलर्स की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। हमास ने साफ तौर पर कहा है कि इस तरह की हिंसा से फिलिस्तीनियों का हौसला और संकल्प बिल्कुल कम नहीं होगा। आपको बता दें कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अल-मुघय्यर गांव पहले से ही अगस्त 2026 के पूरे महीने के दौरान सख्त घेराबंदी और लगातार हो रहे हमलों का सामना कर रहा था, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है।

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