Strait of Hormuz में दो जहाजों पर हमला, 153 भारतीय नाविक फंसे, रेस्क्यू शुरू

खाड़ी क्षेत्र के बेहद व्यस्त समुद्री मार्ग पर तनाव एक बार फिर गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के नजदीक दो विदेशी तेल टैंकरों पर अचानक हमला हुआ है, जिन पर भारतीय क्रू मेंबर्स तैनात थे। इस हमले के बाद फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में कुल 153 भारतीय नाविक फंस गए हैं, जिनकी सुरक्षा और वतन वापसी के लिए प्रशासनिक स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं।
किन जहाजों पर हुआ हमला और क्या हुआ नुकसान
पनामा के ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर MT Basrah Energy पर उस समय हमला हुआ, जब वह होर्मुज जलडमरूमध्य के ठीक बाहर पूर्व दिशा की तरफ बढ़ रहा था। एक प्रोजेक्टाइल सीधे जहाज के फनल वाले हिस्से में आकर टकराया। हालांकि जहाज को कोई बड़ा ढांचागत नुकसान नहीं हुआ और उस पर सवार सभी 22 क्रू मेंबर्स सुरक्षित बच गए। इनमें से 14 नाविक भारतीय हैं। हमले के बाद जहाज को यूएई के Fujairah तट पर सुरक्षित रूप से लंगर डालकर रोक दिया गया है।
इसी दौरान टोगो के झंडे वाले एक अन्य तेल टैंकर Trend पर ओमान के मुसैंडम प्रायद्वीप स्थित Khasab Port के करीब ड्रोन से हमला किए जाने की सूचना मिली। इस घटना में किसी के हताहत होने और हमलावरों की पहचान को लेकर जांच एजेंसियां पड़ताल कर रही हैं।
फारस की खाड़ी में फंसे 153 नाविक, 10 जहाजों को खाली कराने की तैयारी
पश्चिम एशिया के इस जलक्षेत्र में लंबे समय से बना तनाव भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए चुनौती बना हुआ है। वर्तमान में Strait of Hormuz के पश्चिमी हिस्से यानी Persian Gulf में 6 भारतीय ध्वज वाले जहाज और 8 विदेशी जहाज मौजूद हैं जिनमें भारतीय हित जुड़े हैं। इन सभी जहाजों पर कुल 153 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित प्रशासन ने इनमें से 10 जहाजों को खाली कराने (Evacuation) के लिए चिन्हित किया है ताकि क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाला जा सके।
MT El Gaia हमला और लापता भारतीय नाविक की स्थिति
इससे पहले भी इसी जलक्षेत्र में पनामा के ध्वज वाले MT El Gaia जहाज को निशाना बनाया गया था। उस हादसे के दौरान जहाज पर मौजूद 14 भारतीय क्रू मेंबर्स में से 13 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन बिहार के वैशाली के रहने वाले ऑइलर सुमित कुमार सिंह (Sumit Kumar Singh) अभी भी लापता हैं। उस हमले को लेकर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने आरोप लगाया था कि जहाज अवैध रास्ते से जा रहा था और समुद्री बारूदी सुरंग से टकरा गया, जबकि अमेरिका का कहना था कि जहाज पर मिसाइल और ड्रोन से वार किया गया था। भारत सरकार ने इस पूरे मामले में आधिकारिक तौर पर किसी पक्ष पर आरोप तय नहीं किया है।
परिजनों के लिए हेल्पलाइन और सरकार की सलाह
फरवरी के अंतिम दिनों में विवाद गहराने के बाद से Directorate General of Maritime Administration (DGMA) नाविकों की सुरक्षा की निगरानी कर रहा है और हजारों लोगों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। साल 2023 से 2025 के दौरान खाड़ी क्षेत्र में कई भारतीय नागरिकों की जान गई है, जिसके चलते जोखिम वाले मामलों में प्रभावित परिवारों को ₹10 लाख की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) भी उपलब्ध कराई गई है।
भारत सरकार ने प्रभावित नाविकों के परिवारों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें। किसी भी जानकारी के लिए डीजीएमए के 24/7 कंट्रोल सेंटर अथवा ओमान और यूएई स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करें। संपर्क करते समय अपने परिजन के जहाज का नाम और उसका IMO नंबर जरूर बताएं ताकि तुरंत सही स्थिति का पता लगाया जा सके।