होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दो जहाजों पर हमला, भारतीय क्रू मेंबर्स फंसे और कुल 153 नाविक सुरक्षित निकालने की तैयारी.

हार्मूज जलडमरूमध्य के पास एक बड़ी घटना सामने आई है जहाँ भारतीय नौसैनिकों और क्रू मेंबर्स से भरे दो बड़े तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया। इस गंभीर घटना के बाद से खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और उनके परिवारों के बीच चिंता का माहौल बन गया है। डायरेक्टर ऑफ मैरिटाइम एडमिनिस्ट्रेशन की रिपोर्ट के मुताबिक यह हमला 17 सितंबर 2026 को ओमान के मुसंदम तट के करीब हुआ। इस खतरनाक हमले में पनामा के झंडे वाले जहाज और टोगो के झंडे वाले जहाज को परोक्ष रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
भारतीय क्रू मेंबर्स की सुरक्षा पर बड़ा अपडेट
पहला जहाज जो पनामा के झंडे वाला क्रूड टैंकर MT Basrah Energy था, उसे पूर्व दिशा में यात्रा के दौरान फनल क्षेत्र में एक प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइल जैसी चीज से टक्कर लगी। राहत की बात यह रही कि इस जहाज पर सवार सभी 22 क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं जिसमें से 14 भारतीय नागरिक शामिल थे। यह जहाज बाद में सुरक्षित रूप से यूएई के फुजैराह एंकरेज पहुंच गया। वहीं दूसरी घटना टोगो के झंडे वाले ऑयल प्रोडक्ट टैंकर Trend के साथ हुई जिसे ओमान के खासब पोर्ट के पास एक ड्रोन द्वारा निशाना बनाया गया। इस दूसरे जहाज पर नुकसान या किसी के घायल होने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
नाविकों की सुरक्षा और निकासी की योजना
मौजूदा स्थिति को देखते हुए कुल 153 भारतीय नाविक होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में फंसे हुए हैं। ये सभी नाविक छह भारतीय झंडे वाले जहाजों और आठ विदेशी झंडे वाले जहाजों पर सवार हैं जिनका संबंध भारत से है। इनमें से कुल 10 जहाजों को विशेष रूप से सुरक्षित बाहर निकालने यानी निकासी के लिए तय किया गया है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को अब सात महीने पूरे हो चुके हैं और ओमान तथा यूएई के तटीय इलाकों में पहले भी नाविकों के हताहत होने की खबरें सामने आ चुकी हैं। भारत सरकार यानी नई दिल्ली ने नागरिक नौवहन पर होने वाले इन हमलों की कड़ी निंदा की है।
खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और अन्य चिंताएं
इस पूरे घटनाक्रम के बीच खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार यूएई में लगभग 4.3 मिलियन और सऊदी अरब में करीब 2.7 मिलियन भारतीय रहते हैं जो अपने परिवारों का पेट पालने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। हाल ही में सितंबर के महीने में सऊदी अरब के कई शहरों जैसे आभा, खमीस मुशैत और ताइफ के रिहायशी इलाकों को भी हमलों का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने वहां काम करने वाले भारतीय कामगारों को बायोमेट्रिक और अमीरात आईडी धोखाधड़ी से बचने के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। नाविकों और फंसे हुए लोगों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।