UAE की बड़ी चेतावनी, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव खत्म करने की मांग, ना युद्ध ना शांति का माहौल खतरनाक.

यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार Anwar Gargash ने 31 अगस्त 2026 को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए राजनीतिक समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो ना तो युद्ध और ना ही शांति का माहौल बना हुआ है, वह किसी भी देश के लिए ठीक नहीं है। इस तनाव भरे माहौल की वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले आम नागरिकों और काम के सिलसिले में वहां पहुंचे प्रवासियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर संकट
यूएई के अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि तनाव को कम करने के लिए सबसे पहले Strait of Hormuz से कमर्शियल जहाजों की सामान्य आवाजाही को फिर से बहाल करना बहुत जरूरी है। इससे पहले हुए समझौते इस रास्ते को सुरक्षित रखने में नाकाम साबित हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव का सीधा असर समुद्री व्यापार और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई
बीते दिनों अमेरिकी बलों ने 30 अगस्त 2026 को लाराक द्वीप पर ईरान के दो रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी कि उन्होंने अपनी समुद्री नाकाबंदी के तहत 83 कमर्शियल जहाजों को रास्ता बदला, दो जहाजों को रोका और तीन को निष्क्रिय कर दिया। इसके जवाब में ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने चेतावनी दी कि अगर नाकाबंदी जारी रही तो ईरान अमेरिकी आर्थिक हितों को निशाना बनाएगा और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखेगा।
टैंकरों पर हमले और मिसाइल कार्रवाई
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि 31 अगस्त 2026 को दक्षिणी होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अज्ञात टैंकर दो नौसैनिक खानों से टकरा गया, जिससे उसमें आग लग गई। गार्ड्स ने यह भी दावा किया कि उन्होंने जॉर्डन में दो अमेरिकी सैन्य हवाई अड्डों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ किया कि ईरान युद्ध नहीं चाहता है लेकिन हमलावरों को करारा जवाब दिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर असर
ज्वाइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर (JMIC) लगातार कमर्शियल जहाजों को सक्रिय माइन डेंजर एरिया के बारे में चेतावनी दे रहा है। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन (IMO) के अनुमान के मुताबिक लगभग 400 जहाज, जिन पर 6,000 नाविक सवार हैं, अभी भी सुरक्षित रूप से खाड़ी से बाहर निकलने में असमर्थ हैं। इस स्थिति से खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों और कामगारों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।