यूएई के संघीय कर प्राधिकरण ने पर्यटकों के लिए दुनिया का पहला AI आधारित वैट रिफंड प्लेटफॉर्म लॉन्च किया

अबू धाबी: यूएई के संघीय कर प्राधिकरण (FTA) ने पर्यटकों के लिए दुनिया का पहला AI-पावर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इस नई व्यवस्था से अब वैट रिफंड की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से पेपरलेस हो गई है। यह सिस्टम 20 और 21 अक्टूबर 2026 के बीच लॉन्च होने के बाद अब पूरी तरह से काम कर रहा है।
इस प्लेटफॉर्म में AI-संचालित फेशियल रिकग्निशन और 'प्लैनेट' स्मार्ट मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया गया है। इसकी मदद से रिफंड मिलने में लगने वाला समय नौ दिनों से घटकर अब सिर्फ एक वर्किंग डे रह गया है। पर्यटक अब प्रस्थान से पहले कुछ ही मिनटों में अपनी सारी औपचारिकताएं पूरी कर सकते हैं।
इस सेवा का लाभ उठाने के लिए पर्यटकों को प्लैनेट ऐप पर अपना चेहरा, पासपोर्ट और बैंक कार्ड स्कैन करके रजिस्ट्रेशन करना होगा। एयरपोर्ट पर जाते समय उन्हें जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) या शारजाह इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सर्विस पॉइंट्स पर एक डायनेमिक क्यूआर कोड स्कैन करना होगा।
AI सिस्टम खुद तय करेगा कि किसी पर्यटक के सामान की फिजिकल जांच की जरूरत है या नहीं। अगर जांच की जरूरत नहीं होगी, तो रिफंड सीधे प्रोसेस कर दिया जाएगा। यदि जांच जरूरी हुई, तो पर्यटकों को AI फेशियल रिकग्निशन वाले स्मार्ट गेट्स पर भेजा जाएगा।
FTA के निर्णय संख्या 11 (2026) के तहत, रिफंड के लिए पर्यटक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और उन्होंने हिस्सा लेने वाले रिटेलर्स से कम से कम 250 दिरहम की खरीदारी की हो। सामान को खरीदारी के 90 दिनों के भीतर देश से बाहर ले जाना होगा और दावे का सत्यापन एक साल के भीतर करना होगा।
नकद रिफंड की सीमा 24 घंटे में 35,000 दिरहम तय की गई है। पर्यटकों को आमतौर पर भुगतान किए गए कुल वैट का 85 प्रतिशत वापस मिलता है, जिसमें से 3.6 दिरहम का फिक्स्ड चार्ज और 13 प्रतिशत प्रशासनिक शुल्क काटा जाता है। मोटर वाहन, नाव, विमान और यूएई के भीतर इस्तेमाल किए गए सामान इस रिफंड से बाहर रखे गए हैं।
2026 के पहले नौ महीनों में रिटेल नेटवर्क का विस्तार हुआ है और 769 नए आउटलेट्स जुड़ने से अब कुल पंजीकृत बिक्री केंद्रों की संख्या लगभग 16,700 हो गई है। FTA के महानिदेशक अब्दुलअजीज मोहम्मद अल मुल्ला ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाएगा और डिजिटल जीरो ब्यूरोक्रेसी प्रोग्राम के अनुरूप है।
इस लॉन्च कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अहमद अल मारी, सुल्तान अल धाहेरी, माजेद अल जोकर, जॉर्ज ओपरमैन और मलिक अल मदानी समेत कई उच्च अधिकारी शामिल हुए।