UAE और चीन ने मिलाया हाथ, प्राइवेट सेक्टर को मजबूत करने के लिए बना नया बिजनेस कमेटी

यूएई और चीन ने दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। 10 सितंबर 2026 को बीजिंग में, यूएई के मिनिस्ट्री ऑफ इन्वेस्टमेंट और चाइना काउंसिल फॉर द प्रमोशन ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड यानी CCPIT के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत चाइना–UAE बिजनेस एडवाइजरी कमेटी यानी BAC का गठन किया गया है, जिससे दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच आपसी सहयोग और कारोबार को और अधिक गति मिलेगी। इस नई पहल से खाड़ी देशों में काम कर रहे व्यापारियों और भारतीय प्रवासियों के लिए भी व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे।
समझौते की मुख्य बातें और हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी
इस एमओयू पर यूएई के मिनिस्ट्री ऑफ इन्वेस्टमेंट के अंडरसेक्रेटरी मोहम्मद अब्दुलرحمن अलहावी और CCPIT की वाइस चेयरवुमन लिन हांगहोंग ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान सेरेमनी में फेडरेशन ऑफ यूएई चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री यानी FCCIUAE के बोर्ड मेंबर और उम्म अल कुवैन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वाइस चेयरमैन यूसुफ तहनोन अल अली भी मौजूद रहे। उन्होंने यूएई के बिजनेस समुदाय की तरफ से अपने विचार रखे और इस साझेदारी को दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत फायदेमंद बताया। यह कमेटी सरकारी स्तर के समझौतों से अलग हटकर सीधे तौर पर प्राइवेट कंपनियों को आपस में जोड़ने का काम करेगी।
कारोबारियों को मिलेगी मदद और बाजार की जानकारी
यह नई एडवाइजरी कमेटी एक ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगी जहाँ दोनों देशों के बिजनेस मैन सीधे एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। इसके जरिए निवेश के नए मौकों की तलाश करना, जानकारी का आदान-प्रदान करना और बिजनेस मीटिंग्स आयोजित करना बहुत आसान हो जाएगा। यूएई की मिनिस्ट्री ऑफ इन्वेस्टमेंट इस कमेटी के लिए मुख्य फेडरल गेटवे के रूप में काम करेगी, जबकि FCCIUAE यूएई की तरफ से इसमें आने वाली सभी गतिविधियों और कामकाज को संभालेगी। मंत्रालय सभी बड़े अधिकारियों और स्टेकहोल्डर्स के साथ तालमेल बिठाकर निवेशकों को यूएई के बाजार को समझने में पूरी मदद करेगा ताकि वे बिना किसी परेशानी के यहां अपना कारोबार बढ़ा सकें।
यूएई में चीनी कंपनियों की संख्या और भविष्य की योजनाएं
मिनिस्ट्री ऑफ इन्वेस्टमेंट के अधिकारी मोहम्मद अब्दुलرحمن अलहावी ने जानकारी दी कि इस समय यूएई में लगभग 16,000 चीनी कंपनियां काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि यह नई कमेटी व्यवसायों को आपस में साझेदारी करने और पूरी हिम्मत के साथ निवेश करने का एक पक्का जरिया देगी। वहीं दूसरी तरफ, CCPIT की वाइस चेयरवुमन लिन हांगहोंग ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य इस कमेटी के जरिए दोनों देशों के बिजनेस समुदायों को पास लाना, अनुभवों को शेयर करना और चीन तथा यूएई के बीच रणनीतिक साझेदारी को और ज्यादा मजबूत करना है। इस कदम से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे जिसका फायदा वहां रहने वाले सभी लोगों को मिलेगा।