UAE और नाइजीरिया के बीच हुआ समझौता, ड्रग्स तस्करी रोकने के लिए मिलाए हाथ.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE और नाइजीरिया की सरकारों ने मिलकर ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों ने मिलकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य अवैध नशीले पदार्थों के व्यापार और तस्करी को पूरी तरह से रोकना है। यह महत्वपूर्ण साझेदारी दोनों देशों के बीच सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू करती है, जिससे संगठित अपराधों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी।
अबू धाबी में हुआ समझौते पर हस्ताक्षर
यह समझौता 28 सितंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर हुआ। इस ऐतिहासिक मौके पर नेशनल ड्रग एन्फोर्समेंट अथॉरिटी (NDEA) के चेयरमैन शेख जायद बिन हमद अल नाहयान भी मौजूद रहे और उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की देखरेख की। यह कार्यक्रम अबू धाबी में आयोजित 15वीं संयुक्त राष्ट्र अपराध रोकथाम और आपराधिक न्याय कांग्रेस के दौरान हुआ, जो 26 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक चल रही है।
इस समझौते पर हस्ताक्षर करने वालों में NDEA के डायरेक्टर-जनरल राशिद हमद अल शम्सी और नाइजीरिया की नेशनल ड्रग लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी (NDLEA) के चेयरमैन और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद बुबा मारवा शामिल थे। दोनों अधिकारियों ने मिलकर इस दस्तावेज पर मुहर लगाई ताकि दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को और अधिक मजबूत किया जा सके।
समझौते के मुख्य बिंदु और योजनाएं
इस एमओयू के तहत दोनों देश मिलकर नशीली दवाओं, साइकोट्रोपिक पदार्थों और उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सामानों की तस्करी को रोकने के लिए काम करेंगे। समझौते के अनुसार, दोनों देश ड्रग्स बनाने और तस्करी से जुड़ी खुफिया जानकारी और डेटा एक-दूसरे के साथ साझा करेंगे। इसके अलावा, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और नियंत्रित डिलीवरी के संचालन में भी एक-दूसरे की मदद करेंगे।
इस साझेदारी में रिसर्च, कानून और अपने अनुभवों को साझा करने की बात भी कही गई है। सुरक्षा अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम, वर्कशॉप और बैठकों का आयोजन किया जाएगा ताकि दोनों देशों की टीमें मिलकर काम करने में और अधिक सक्षम बन सकें। यह सभी गतिविधियां दोनों देशों के स्थानीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में रहकर ही की जाएंगी।
NDEA के अधिकारियों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस जैसे बड़े मंच पर इस समझौते पर हस्ताक्षर करना यह बताता है कि यूएई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा साझेदारियों को मजबूत करने के लिए कितना गंभीर है। इस तरह के आयोजनों से दुनिया भर में फैल रहे संगठित अपराधों और ड्रग्स के कारोबार को जड़ से खत्म करने में बड़ी मदद मिलती है।