UAE का बड़ा ऐलान, जर्मनी में 40 अरब यूरो का निवेश करने का फैसला, देश में मजबूत होंगे आर्थिक रिश्ते.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने जर्मनी के साथ अपने आर्थिक रिश्तों को और ज्यादा मजबूत करने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को यूएई सरकार ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि वह जर्मनी में कुल €40 बिलियन यानी 40 अरब यूरो का भारी-भरकम निवेश करेगा। यह पैसा देश के अलग-बड़े प्रोजेक्ट्स और विकास कार्यों में लगाया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे। इस बड़ी घोषणा की जानकारी WAM की आधिकारिक रिपोर्ट में दी गई है, जो दोनों देशों की दोस्ती को और पक्का करती है।
यूएई के राष्ट्रपति की जर्मनी यात्रा और बड़े नेताओं से मुलाकात
यह महत्वपूर्ण ऐलान यूएई के राष्ट्रपति हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की जर्मनी यात्रा के दौरान सामने आया। उनकी यह राजकीय यात्रा 9 सितंबर से 11 सितंबर 2026 तक चली। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति अल नाहयान ने जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाटर स्टीनमीयर और चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ उच्च स्तर की बैठकें कीं। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने एक साझा घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए और इस दौरे को अंतरराष्ट्रीय सहयोग के इतिहास में एक मील का पत्थर बताया। इस मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में और अधिक प्रगाढ़ता आई है, जिसका असर आने वाले समय में व्यापार और रोजगार के अवसरों पर भी साफ दिखाई देगा।
पुराने निवेश के साथ नए अनुबंध और एयरलाइंस को फायदा
नया €40 बिलियन का निवेश पहले से जर्मनी में मौजूद यूएई की €34 बिलियन की होल्डिंग्स के ऊपर किया जा रहा है। इसके अलावा, दोनों देशों की अलग-अलग कंपनियों के बीच €9.4 बिलियन के नए व्यापारिक अनुबंधों पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत जर्मनी ने यूएई की प्रमुख एयरलाइन कंपनी Emirates को बर्लिन और दुबई के बीच नियमित उड़ानों के लिए अतिरिक्त ट्रैफिक अधिकार देने पर भी सहमति जताई है, जिससे आने-जाने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। इस पूरी साझेदारी की विस्तृत जानकारी QNA की रिपोर्ट में साझा की गई है।
किन सेक्टरों में खर्च होगा पैसा और मंत्रियों के बयान
यूएई के उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री सुल्तान अल जाबेर ने बताया कि यह निवेश दशकों पुरानी साझेदारी के प्रति उनकी लंबी और सच्ची प्रतिबद्धता को दिखाता है। वहीं, विदेश व्यापार मंत्री थानी अल जायोदी ने कहा कि यह 40 अरब यूरो की राशि तो अभी महज शुरुआत है और आने वाले दिनों में इससे भी बड़े कारोबारी अवसर सामने आएंगे। यह सारा पैसा मुख्य रूप से आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल बुनियादी ढांचे यानी डेटा सेंटर बनाने और ऊर्जा सेक्टर में लगाया जाएगा। अकेले जर्मनी के बवेरिया राज्य के लिए इस कुल निवेश में से €10 बिलियन अलग से तय किए गए हैं। इन सभी योजनाओं पर नजर रखने और दोनों सरकारों के बीच बातचीत को बढ़ावा देने के लिए एक संयुक्त UAE-German Investment Council का गठन भी किया जाएगा, जिसमें Covestro, RWE, ADNOC और Masdar जैसी बड़ी कंपनियां मिलकर काम करेंगी।