फ्लाईदुबई विमान में आतंकी साजिश का खुलासा, को-पायलट की नापाक हरकत बेनकाब

आसमान में उड़ते हुए एक विमान के अंदर जब अचानक जानलेवा संघर्ष छिड़ जाए, तो यात्रियों की सांसे थम जाना लाजिमी है। कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर हाल ही में flydubai flight incident के दौरान देखने को मिला, जब दुबई से तेल अवीव जा रहे एक विमान में को-पायलट ने कॉकपिट के अंदर ही हिंसा का तांडव शुरू कर दिया। इस मामले में अब यूएई के अटॉर्नी-जनरल ने एक चौंकाने वाला और गंभीर खुलासा किया है, जिससे पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई है।
क्या है पूरा मामला?
यूएई के अटॉर्नी-जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 पर हुई घटना वास्तव में एक आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने की कोशिश थी। यह विमान एक बोइंग 737 मैक्स 8 था, जो दुबई से उड़ान भरकर इजराइल के तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान अचानक कॉकपिट का माहौल बदल गया, जब सह-पायलट ने विमान पर कब्जा करने की नीयत से मुख्य पायलट पर हमला बोल दिया।
भारतीय कैप्टन की सूझबूझ और यात्रियों का साहस
हमलावर को-पायलट ने विमान के क्रैश कुल्हाड़ी (crash axe) का इस्तेमाल कर भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छड़ (Smit Machchhar) पर हमला किया और विमान के नियंत्रण को अपने हाथ में लेने की कोशिश की। हालांकि, कैप्टन की बहादुरी और सूझबूझ के साथ-साथ अन्य क्रू मेंबर्स और सतर्क यात्रियों ने तुरंत अड़ंगा डालते हुए हमलावर को दबोच लिया। इस दौरान हुए संघर्ष के कारण विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग (emergency landing) करनी पड़ी।
सख्त जांच और कानूनी कार्रवाई जारी
सऊदी अधिकारियों ने मौके पर ही हमलावर को हिरासत में ले लिया था और बाद में उसे पूछताछ के लिए यूएई स्थानांतरित कर दिया गया। इजरायली नेतृत्व ने इस घटना को एक स्पष्ट जिहादी आतंकवादी हमला करार दिया है और कहा है कि आरोपी का झुकाव कट्टरपंथ की ओर था। यूएई के सामान्य नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और न्यायिक अधिकारी इस मामले की तह तक जाने के लिए फोरेंसिक और तकनीकी विश्लेषण कर रहे हैं। अटॉर्नी-जनरल ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद सभी कानूनी निष्कर्षों को सार्वजनिक किया जाएगा।