कॉकपिट हमले के दौरान बहादुरी दिखाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छड़ को यूएई ने जायद सम्मान से नवाजा
फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छड़ को कॉकपिट हमले के दौरान बहादुरी दिखाने के लिए यूएई ने 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' से नवाजा।

अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छड़ को उनकी असाधारण बहादुरी के लिए 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें विमान के कॉकपिट में हुए एक हमले के दौरान साहस दिखाने के लिए दिया गया है।
सम्मान समारोह 27 अक्टूबर 2026 को अबू धाबी में एक प्रेसिडेंशियल रिसेप्शन के दौरान आयोजित किया गया। इस मौके पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री व दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम और दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम मौजूद थे। शेख हमदान ने व्यक्तिगत रूप से स्मित मच्छड़ और उनके चालक दल को पदक प्रदान किए।
यह पूरी घटना 30 सितंबर 2026 की है, जब फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर विमान के ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने इमरजेंसी क्रैश एक्स (कुल्हाड़ी) से कैप्टन स्मित मच्छड़ पर हमला कर दिया।
इस हमले में कैप्टन मच्छड़ की खोपड़ी में गंभीर फ्रैक्चर हुआ और वे घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे ऑफ-ड्यूटी पायलटों, चालक दल और यात्रियों को अंदर आने का मौका मिला, जिन्होंने हमलावर को काबू किया और विमान का नियंत्रण वापस पाया। उस समय विमान तेजी से नीचे गिर रहा था।
विमान की आपातकालीन लैंडिंग सऊदी अरब के तबुक में कराई गई। सऊदी अरब में शुरुआती इलाज के बाद स्मित मच्छड़ को रिकवरी के लिए अबू धाबी एयरलिफ्ट किया गया था।
स्मित मच्छड़ यह सम्मान पाने वाले पहले व्यक्ति हैं जिन्हें व्यक्तिगत बहादुरी के लिए यह अवॉर्ड दिया गया है। इससे पहले पूर्व राजदूत नवदीप सिंह सूरी (2019) और संजय सुधीर (2025) को यह सम्मान मिल चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पायलट की सराहना की है और इजरायल ने भी उन्हें नागरिक वीरता पुरस्कार देने की इच्छा जताई है।