UAE Banks Federation का बड़ा ऐलान, साल के अंत तक आएगा डिजिटल KYC प्लेटफॉर्म.

संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले लाखों प्रवासियों, खासकर भारतीय नागरिकों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। UAE Banks Federation (UBF) ने एक नए डिजिटल प्लेटफॉर्म को लाने की पूरी तैयारी शुरू कर दी है, जिससे लोगों का जीवन आसान हो जाएगा। इस नई डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य बैंक खातों से जुड़े केवाईसी यानी KYC की पूरी प्रक्रिया को बहुत सरल और आसान बनाना है। यूएई में रहने वाले लोग जो अलग-अलग कामों के लिए बैंकों के चक्कर लगाते हैं, उन्हें अब बार-बार कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिलने वाली है।
क्या है यह नया डिजिटल KYC प्लेटफॉर्म
इस नई व्यवस्था के तहत बैंक ग्राहकों को अब अपने जरूरी पहचान पत्र जैसे कि Emirates ID और पासपोर्ट बार-बार अलग-अलग वित्तीय संस्थानों में जाकर जमा नहीं कराने होंगे। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य इस साल के अंत तक यानी 2026 के आखिर तक इस प्लेटफॉर्म को पूरी तरह से तैयार करना है। इस बात की जानकारी UBF के निदेशक सामान्य Jamal Saleh ने दी है। उन्होंने यह भी बताया कि यह सिस्टम सेंट्रल बैंक ऑफ द UAE (CBUAE) के डिजिटल अभियानों का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह प्लेटफॉर्म 'गोल्डन सोर्स' के सिद्धांत पर काम करेगा, जिसका मतलब है कि बैंक रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए सीधे आधिकारिक स्रोतों से ही सही और पुख्ता डेटा लिया जाएगा।
प्रवासियों को कैसे मिलेगा इसका फायदा
यूएई में रहने वाले भारतीय प्रवासी जो अलग-अलग बैंकों में सैलरी अकाउंट, क्रेडिट कार्ड और लोन की सुविधा का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें हर बार दस्तावेज के नवीनीकरण पर हर बैंक में जाकर व्यक्तिगत रूप से जानकारी अपडेट करनी पड़ती थी। इस नई सुविधा के आने से इस तरह की सभी परेशानियों से छुटकारा मिल जाएगा। हालांकि, यूएई बैंक्स फेडरेशन ने यह भी साफ किया है कि यह प्रोजेक्ट अभी विकास के चरण में है। इसके शुरू होने की कोई आधिकारिक तारीख या इसमें शामिल होने वाले बैंकों की सूची अभी तक तय नहीं की गई है। इसलिए जब तक अगला कोई आधिकारिक आदेश नहीं आता है, तब तक ग्राहकों को पुराने नियमों और बैंक के निर्देशों का ही पालन करना होगा।
नियम और सुरक्षा से जुड़ी अहम बातें
यह बात भी ध्यान रखने वाली है कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के आने से बैंक खाते खुद-ब-खुद अप्रूव नहीं हो जाएंगे। बैंकों को ग्राहकों की जोखिम प्रोफाइल, आय के स्रोत और रोजगार की स्थिति की जांच अपने नियमों के हिसाब से करनी ही होगी। यह प्रोजेक्ट सेंट्रल बैंक के उस राष्ट्रव्यापी ई-केवाईसी कार्यक्रम का हिस्सा है जिसकी घोषणा अप्रैल 2026 में Norbloc AB के साथ मिलकर की गई थी। इस पूरे काम की देखरेख फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 30 के तहत की जा रही है, जो डेटा की गोपनीयता और ग्राहकों की सहमति का पूरा ध्यान रखता है। इसके अलावा, UBF अभी भी 37 कमेटियों की देखरेख कर रहा है और अधिकारियों ने सभी निवासियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के फर्जी फोन कॉल या अनधिकृत चैनलों से आने वाले बैंकिंग जानकारी के संदेशों से सावधान रहें।