उम्म अल कुवैन के तट पर तेल रिसाव होने के बाद यूएई प्रशासन ने सावधानी के तौर पर सभी बीच बंद किए
उम्म अल कुवैन के तट पर तेल रिसाव के कारण यूएई प्रशासन ने बीच बंद कर दिए हैं। यह घटना एक तेल टैंकर हादसे से जुड़ी है।

अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उम्म अल कुवैन तट पर बड़े पैमाने पर तेल रिसाव होने के बाद अधिकारियों ने बीच बंद कर दिए हैं। इस रिसाव को रोकने के लिए containment ऑपरेशंस शुरू कर दिए गए हैं।
यह घटना 9 अक्टूबर 2026 को पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर GEM NO.2 में लगी आग के बाद हुई। ताइवान की ग्लोबल एनर्जी मैरीटाइम के स्वामित्व वाले इस जहाज पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला होने की खबर है। इस टैंकर ने मार्च की शुरुआत में एक सऊदी बंदरगाह से 20 लाख बैरल तेल लोड किया था।
डच एनजीओ PAX द्वारा विश्लेषण की गई सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक, तेल का यह रिसाव करीब 40 किलोमीटर लंबा है और 190 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह रिसाव तट से छह किलोमीटर की दूरी तक पहुंच गया है।
यूएई के जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्रालय (MOCCAE) ने 23 अक्टूबर को तेल रिसाव की पुष्टि की और उम्म अल कुवैन के सभी बीच और तटीय क्षेत्रों को बंद करने का ऐलान किया। इसी तरह शारजाह सरकार के मीडिया ब्यूरो ने एहतियातन अल हमरीया बीच को भी बंद कर दिया है।
दुबई, शारजाह, अजमान और उम्म अल कुवैन के निवासियों ने हवा में ईंधन जैसी गंध महसूस करने की बात कही है। हालांकि, मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इससे स्वास्थ्य को कोई खतरा नहीं है। उम्म अल कुवैन नगर पालिका पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए फील्ड ऑपरेशंस चला रही है।
दूसरी ओर, 23 अक्टूबर को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि दक्षिणी होर्मुज जलडमरूमध्य में अनधिकृत रास्तों का इस्तेमाल करने के कारण दो सुपरटैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आए।
ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO और विंडवर्ड व वेंगार्ड जैसी खुफिया फर्म इस जहाज और पर्यावरण के नुकसान की निगरानी कर रही हैं। ग्रीनपीस MENA की इनेसफ बेंज़ाकी और कॉन्फ्लिक्ट एंड एनवायरनमेंट ऑब्जर्वेटरी के लियोन मोरलैंड ने समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी की जरूरत बताई है।