तेल रिसाव के कारण उम अल कुवैन, शारजाह और रास अल खैमाह के बीच बंद, प्रशासन ने लोगों को दूर रहने की सलाह दी

तेल रिसाव के कारण उम अल कुवैन, शारजाह और रास अल खैमाह के बीच बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों को प्रभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।

Aanya25 October 20262 min read0 viewsUAE
तेल रिसाव के कारण उम अल कुवैन, शारजाह और रास अल खैमाह के बीच बंद, प्रशासन ने लोगों को दूर रहने की सलाह दी

दुबई: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उम अल कुवैन, शारजाह और रास अल खैमाह में तेल रिसाव के बाद प्रशासन ने बीच और तटीय इलाकों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। एक टैंकर से तेल लीक होने की वजह से पूरे इलाके में ईंधन जैसी तेज गंध फैली हुई है।

तटीय क्षेत्रों को बंद करने का यह फैसला शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को लिया गया था, जो रविवार, 25 अक्टूबर तक लागू रहा। प्रशासन ने यह कदम सफाई और सुधार कार्यों को पूरा करने के लिए उठाया है। इससे पहले 19 अक्टूबर को शारजाह, अजमान और उम अल कुवैन में अजीब गंध की खबरें आई थीं।

19 और 21 अक्टूबर की सैटेलाइट तस्वीरों में समुद्र में तेल की एक बड़ी परत देखी गई थी। इसके बाद 23 अक्टूबर को जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्रालय (MOCCAE) ने उम अल कुवैन में तेल रिसाव की पुष्टि की और वहां के सभी तटीय क्षेत्रों को बंद कर दिया। इसी दौरान शारजाह प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अल हमरिया बीच को भी बंद कर दिया था।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

शनिवार, 24 अक्टूबर को रास अल खैमाह पुलिस और पब्लिक सर्विसेज डिपार्टमेंट ने भी अपने यहां के सभी बीच को अगले आदेश तक बंद करने का ऐलान किया। हालांकि यूएई सरकार ने आधिकारिक तौर पर जिम्मेदार जहाज का नाम नहीं बताया है, लेकिन ऑर्बिटल रिस्क इंटेलिजेंस के सीईओ मार्टिन केली ने सैटेलाइट डेटा के आधार पर इस टैंकर की पहचान 'Gem No.2' के रूप में की है।

कुछ रिपोर्टों में यह अनुमान लगाया गया है कि 9 और 10 अक्टूबर के बीच इस जहाज पर ड्रोन हमला हुआ होगा, जिससे यह रिसाव हुआ। हवा में फैली गंध को लेकर लोगों में चिंता है, लेकिन जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि शारजाह, अजमान और उम अल कुवैन की हवा की गुणवत्ता से स्वास्थ्य को कोई बड़ा खतरा नहीं है।

तकनीकी टीमें फिलहाल पर्यावरण पर पड़ने वाले असर की जांच कर रही हैं। अधिकारियों ने जनता के लिए एडवाइजरी जारी कर प्रभावित बीच क्षेत्रों में न जाने और वहां मछली न पकड़ने की सख्त हिदायत दी है। लोगों को शारजाह गवर्नमेंट मीडिया ब्यूरो, उम अल कुवैन नगर पालिका और मंत्रालय के आधिकारिक संदेशों पर नजर रखने को कहा गया है।

बीच तब तक बंद रहेंगे जब तक पर्यावरण और सुरक्षा आकलन यह पुष्टि नहीं कर देते कि इन्हें जनता के लिए खोलना सुरक्षित है। इस मामले में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी अबू धाबी के मुबादला अरबियन सेंटर फॉर क्लाइमेट एंड एनवायरनमेंटल साइंसेज जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों की राय ली जा रही है।

Share:

Comments

Leave a comment