UAE Cabinet New Law: यूएई में सेल्फ-ड्राइविंग गाड़ियों के लिए नया कानून पास, अब सड़कों पर दौड़ेंगी बिना ड्राइवर वाली गाड़ियां.

संयुक्त अरब अमीरात की कैबिनेट ने देश भर में बिना ड्राइवर यानी सेल्फ-ड्राइविंग गाड़ियों के लिए एक नया और कड़ा कानून पास कर दिया है। यह बड़ा फैसला 2 सितंबर 2026 को लिया गया, जिसका मकसद पूरे देश में स्मार्ट और आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बढ़ावा देना है। इस नए नियम के आने से यूएई की सड़कों पर चलने वाली ऑटोमैटिक गाड़ियों के लिए एक पक्का और साफ कानून तैयार हो गया है, जिससे आने वाले समय में यातायात का पूरा सिस्टम बदलने वाला है।
नया कानून लाने का मुख्य मकसद
यूएई के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक शीख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की अध्यक्षता में यह कैबिनेट बैठक हुई थी। सरकार का साफ कहना है कि इस कानून को लाने के पीछे मुख्य मकसद सड़क पर होने वाले हादसों को कम करना, सड़क की सुरक्षा को बढ़ाना और ट्रैफिक जाम से लोगों को राहत देना है। इसके अलावा, इस आधुनिक तकनीक से पर्यावरण में फैलने वाला प्रदूषण भी कम होगा। सरकार चाहती है कि लोग पर्यावरण के अनुकूल और स्मार्ट परिवहन का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें, जो यूएई के भविष्य के विजन से पूरी तरह मेल खाता है।
गाड़ियों की जांच और रजिस्ट्रेशन के लिए एक जैसे नियम
इस नए कानून के तहत पूरे देश में सेल्फ-ड्राइविंग गाड़ियों की जांच यानी inspection, रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस देने और उनकी टेस्टिंग के लिए एक जैसे राष्ट्रीय मानक बनाए गए हैं। इसका मतलब यह है कि अब देश के किसी भी हिस्से में इन गाड़ियों के नियम अलग-अलग नहीं होंगे, बल्कि पूरे यूएई में एक ही नियम लागू होगा। इससे कंपनियों और आम लोगों दोनों के लिए इन आधुनिक गाड़ियों को अपनाना बहुत आसान हो जाएगा।
दुबई और आबू धाबी के पुराने नियमों को मिलेगी मजबूती
यह नया फेडरल कानून पहले से चल रहे क्षेत्रीय प्रयासों को और ज्यादा मजबूत करता है। उदाहरण के लिए, दुबई में रोड्स एंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी यानी RTA पहले से ही साल 2023 के कानून नंबर 9 के तहत सेल्फ-ड्राइविंग गाड़ियों के लाइसेंस और तकनीकी जांच का काम संभाल रही है। इसके अलावा, आबू धाबी मोबिलिटी ने भी इस साल 13 जुलाई 2026 को इन गाड़ियों के लिए खास लाइसेंस प्लेट जारी किए थे, जिनका इस्तेमाल कमर्शियल सेवाओं और फील्ड ट्रायल के लिए किया जा रहा है। अब इन सभी क्षेत्रीय कामों को इस नए केंद्रीय कानून के तहत एक मजबूत आधार मिल गया है।