UAE ने AI आधारित साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए की वैश्विक सहयोग की मांग, दिए कड़े निर्देश

यूएई के गृह मंत्रालय ने अबू धाबी में आयोजित अपराध रोकथाम और आपराधिक न्याय पर 15वें संयुक्त राष्ट्र कांग्रेस के दौरान एक उच्च स्तरीय सत्र की मेजबानी की। 28 सितंबर 2026 को हुए इस आयोजन में साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता जताई गई। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य एआई के इस दौर में पहचान छिपाकर होने वाली धोखाधड़ी और अपराधों पर लगाम लगाना था। बैठक में दुनिया भर के कई बड़े अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों और अधिकारियों की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ और अपराध कार्यालय की कार्यकारी निदेशक मोनिका जुमा, आसियानपोल सचिवालय के कार्यकारी निदेशक डॉ. कोंगकृसादा कित्तिथिरावॉन्ग और रबदान अकादमी के सहायक डीन डॉ. उमर अली सैफुद्दीन ने हिस्सा लिया। इसके अलावा जिनेवा सेंटर फॉर सिक्योरिटी सेक्टर गवर्नेंस की नथली जेंड्रे, ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस के एलेक्स कैसाग्रांडे और सिंगापुर पुलिस फोर्स की सहायक आयुक्त ईलीन याप समेत कई अन्य विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।
कमजोर वर्ग को बनाते हैं निशाना
अंतरराष्ट्रीय मामलों की महानिदेशक कर्नल दाना हुमाइद अल मरजूकी ने बताया कि साइबर धोखाधड़ी एक प्रकार का संगठित आपराधिक नेटवर्क है जो लोगों की कमजोरी और डर का फायदा उठाता है। ये नेटवर्क अक्सर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और कामगारों को अपना शिकार बनाते हैं। कई बार नौकरी के झूठे झांसे देकर लोगों को मानव तस्करी और जबरन आपराधिक गतिविधियों में फंसाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 2025 में 118 मिलियन लोग जबरन विस्थापित हुए थे, जिससे ऐसे लोगों के धोखाधड़ी का शिकार होने का खतरा काफी बढ़ गया है। इंटरपोल के आंकड़ों के अनुसार इन मामलों में सैकड़ों-हजारों पीड़ित शामिल हो सकते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का खतरनाक इस्तेमाल
कर्नल अल मरजूकी ने एआई के असर पर बात करते हुए समझाया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पहचान और आवाज की नकल करना आसान बना देता है। इसकी मदद से ठग पारंपरिक तरीकों के मुकाबले 4.5 गुना ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं और अपने नेटवर्क को तेजी से फैला रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि तकनीक केवल एक जरिया है, लेकिन असली जड़ें मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध वित्त, मानव तस्करी और भ्रष्टाचार में जुड़ी हुई हैं।
यूएई की नई रणनीति और सुरक्षा के उपाय
यूएई में 200 से अधिक राष्ट्रीयताओं के लोग रहते हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए देश ने तीन मुख्य कदम तय किए हैं। पहला यह कि धोखाधड़ी को संगठित अपराध माना जाए, दूसरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुफिया जानकारी साझा करना और संयुक्त जांच बढ़ाना, तथा तीसरा अपराधियों के वित्तीय चैनलों को तोड़ना है। कानून प्रवर्तन एजेंसियां इन योजनाओं के मुख्य सरगनाओं और फाइनेंसरों पर नजर रख रही हैं। इसके अलावा जो लोग मजबूरी में अपराध में शामिल हो गए हैं, उन्हें अपराधी की बजाय पीड़ित मानकर मदद दी जा रही है ताकि ठगा गया पैसा वापस दिलाया जा सके।