UAE का बड़ा फैसला, बैंक मेलो के सभी ट्रांजैक्शन पर लगी रोक, ईरान के साथ लेन-देन बंद.

संयुक्त अरब अमीरात के सेंट्रल बैंक यानी CBUAE ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाते हुए देश में काम कर रहे ईरान के Bank Melli Iran की सभी शाखाओं के वित्तीय लेनदेन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। बुधवार, 23 सितंबर 2026 को जारी इस आदेश के तहत अब ये बैंक ईरान से जुड़े किसी भी प्रकार के फंड ट्रांसफर और ट्रेड फाइनेंस का काम नहीं कर पाएंगे। फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 6 of 2025 के आर्टिकल 168-1-C के तहत यह कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने पाया कि तेहरान का यह बैंक एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग, काउंटर-टेरर फाइनेंसिंग और प्रोलिफरेशन फाइनेंसिंग के नियमों का पालन करने में विफल रहा था। हालांकि बैंक की शाखाएं अभी भी रजिस्टर्ड हैं, लेकिन उन्हें सीमा पार से किसी भी तरह की पैसों की आवाजाही करने की अनुमति नहीं दी गई है। यह बैंक साल 1969 से यूएई में काम कर रहा है और इसके पास दुबई के शेख जायद रोड पर बने क्षेत्रीय कार्यालय समेत कुल सात से आठ शाखाएं मौजूद हैं।
यूएई और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इससे पहले अगस्त के महीने में यूएई ने ईरान के साथ सभी तरह के व्यापार और कमर्शियल एक्सचेंज को निलंबित कर दिया था। एमिरेट्स के पानी के पास ईरानी मिसाइल हमलों के आरोपों और होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई घटनाओं के बाद यह कदम उठाया गया था। इसके अलावा, अमेरिका ने भी 28 अगस्त को दुबई में बैंक मेलो की शाखा के मैनेजर रज़ा मोहम्मद तईदी पर प्रतिबंध लगा दिया था। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप था कि इस संस्थान ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC Quds Force से जुड़े खातों के लिए अरबों रुपये इधर-उधर किए थे। इस पूरी कार्रवाई से साफ हो गया है कि अब क्षेत्रीय विवाद केवल सैन्य मामलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह खाड़ी देशों के वित्तीय सेक्टर तक फैल चुका है।
प्रवासी परिवारों और कारोबारियों पर असर
यूएई की ओर से इन कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के बाद दुबई को वित्तीय केंद्र के रूप में इस्तेमाल करने वाले ईरानी व्यापारियों और वहां रहने वाले प्रवासी परिवारों को अब पैसों के लेनदेन के लिए दूसरे विकल्पों की तलाश करनी पड़ रही है। इस घटनाक्रम के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उथल-पुथल देखने को मिली है। क्षेत्रीय तनाव और संघर्ष की आशंकाओं के चलते कच्चे तेल यानी Oil prices में लगभग 4 percent की तेजी दर्ज की गई है। इसके साथ ही, ईरानी उड़ानों पर भी असर पड़ा है क्योंकि 23 सितंबर को अमेरिका का विंड-डाउन लाइसेंस समाप्त हो गया। इसके कारण मस्कट जाने वाली उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और बगदाद तथा दोहा के रास्ते होने वाली कनेक्शंस में भी रुकावटें आईं। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने पहले ही चेतावनी दी थी कि जो भी एयरपोर्ट ईरानी विमानों को सर्विस देंगे, वे डॉलर सिस्टम तक अपनी पहुंच खो सकते हैं। इन तमाम पाबंदियों के बीच आम लोगों और कारोबारियों को अपनी वित्तीय योजनाओं में बड़े बदलाव करने पड़ रहे हैं ताकि वे नियमों के दायरे में रहकर अपने काम चला सकें।