UAE Central Bank ने Banque Misr UAE पर शुरू की बड़ी जांच, अमेरिकी सख्ती के बाद लिया एक्शन.

Aanya31 August 20263 min read32 viewsUAE
UAE Central Bank ने Banque Misr UAE पर शुरू की बड़ी जांच, अमेरिकी सख्ती के बाद लिया एक्शन.

यूएई के सेंट्रल बैंक ने Banque Misr की यूएई में मौजूद पांचों शाखाओं की एक विशेष और जरूरी जांच शुरू कर दी है। यह कदम अमेरिकी वित्तीय एजेंसी द्वारा उठائے गए एक कड़े कदम के बाद उठाया गया है, जिससे वहां के बैंकिंग सेक्टर में हलचल मच गई है। आम लोग और खासकर वहां रहने वाले प्रवासी इस बात को लेकर काफी चिंतित हैं कि क्या उनकी मेहनत की कमाई और बैंक खाते सुरक्षित हैं या नहीं।

अमेरिकी ट्रेजरी के नोटिस के बाद यूएई सेंट्रल बैंक की बड़ी कार्रवाई

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 28 अगस्त को अमेरिका की ट्रेजरी के Financial Crimes Enforcement Network (FinCEN) ने एक नोटिस जारी किया। इस नोटिस में अमेरिकी वित्तीय संस्थानों को यह सलाह दी गई कि वे बैंक के यूएई संचालन के लिए कॉरेस्पोंडेंट बैंकिंग खातों को बंद करें। FinCEN ने Banque Misr UAE को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मुख्य चिंता का विषय बताया। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप था कि इस बैंक की शाखा ने जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच लगभग $1.8 बिलियन यानी करीब 1.8 अरब डॉलर का लेनदेन किया। आरोप है कि यह पैसा ईरान से जुड़े 103 से ज्यादा अलग-अलग कंपनियों के नेटवर्क के लिए ट्रांसफर किया गया था।

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यूएई और मिस्र के केंद्रीय बैंकों का संयुक्त बयान और मौजूदा स्थिति

अमेरिकी प्रस्ताव पर अभी 30 दिनों की सार्वजनिक प्रतिक्रिया का समय चल रहा है, लेकिन स्थिति को संभालते हुए 30 अगस्त को यूएई और मिस्र के सेंट्रल बैंक ने एक साझा बयान जारी किया। इस बयान में साफ किया गया कि Banque Misr की यूएई शाखाएं हमेशा की तरह अपना कामकाज जारी रखेंगी। 31 अगस्त 2026 तक किसी भी शाखा को बंद करने, खाता सील करने या किसी भी प्रकार की सेवा में रुकावट का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। यूएई का नियामक बैंक उन सभी लेनदेन की गहराई से जांच कर रहा है जिनका जिक्र अमेरिकी अधिकारियों ने किया था। यह जांच एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने वाले नियमों के तहत की जा रही है ताकि यह पक्का हो सके कि सभी नियमों का पालन ठीक से हुआ है या नहीं।

यूएई में रहने वाले प्रवासियों और आम ग्राहकों पर इसका असर

यूएई में बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य देशों के प्रवासी रहते हैं, जो वहां नौकरी या व्यापार करते हैं। इन आम ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि उनकी रोजमर्रा की बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से चालू हैं। अमेरिकी डॉलर में होने वाले लेनदेन को लेकर भविष्य में कुछ बदलाव आ सकते हैं, लेकिन फिलहाल ग्राहकों के पैसों या जमा पूंजी पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई है। यूएई का सेंट्रल बैंक इस बात की पूरी स्टडी कर रहा है कि अगर अमेरिकी नियम लागू होते हैं तो आगे क्या कदम उठाने चाहिए। हालांकि, अभी तक बैंक की तरफ से ग्राहकों को अपने खाते बंद करने या पैसे निकालने के लिए कोई भी निर्देश नहीं दिया गया है। अधिकारियों ने सभी ग्राहकों से अपील की है कि वे बैंक बंद होने या पैसे डूबने जैसी किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। यदि किसी को लेनदेन में कोई देरी महसूस होती है, तो वे सीधे अपने बैंक से संपर्क करके रेफरेंस नंबर के जरिए जानकारी ले सकते हैं।

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