अबू धाबी में यूएई और चीन के बीच तीसरे दौर के कांसुलर परामर्श संपन्न
यूएई और चीन ने अबू धाबी में तीसरे दौर के कांसुलर परामर्श किए, जिसमें वीजा छूट और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई।

अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और चीन ने 5 नवंबर 2026 को अबू धाबी में तीसरे दौर के कांसुलर परामर्श की बैठक की। इस चर्चा के दौरान दोनों देशों के बीच पर्यटन, व्यापार और शैक्षिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए आपसी वीजा छूट समझौते के फायदों पर विशेष जोर दिया गया।
यूएई के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कांसुलर मामलों की सहायक अवर सचिव शेख़ा हिसा बिंत सुल्तान बिन खलीफा अल नाहयान ने किया। वहीं, चीन के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई चीन के विदेश मंत्रालय में कांसुलर मामलों के विभाग के महानिदेशक लॉन्ग झोउ ने की।
इस संवाद का मुख्य केंद्र कांसुलर विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करना और दोनों देशों के नागरिकों से जुड़े मामलों को सुलझाना रहा। साथ ही, भविष्य के साझा प्रयासों के लिए प्राथमिकताएं भी तय की गईं।
बैठक की शुरुआत में शेख़ा हिसा ने उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एच.एच. शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान का अभिवादन संदेश पहुंचाया। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये परामर्श द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करेंगे।
शेख़ा हिसा ने बताया कि यूएई और चीन के बीच राजनयिक संबंध चार दशकों से अधिक पुराने हैं। यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में ये संबंध लगातार बढ़ रहे हैं।
उन्होंने साल 2018 में राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यूएई यात्रा और 2024 में यूएई राष्ट्रपति की चीन यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने इन यात्राओं को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण मोड़ बताया।
समापन वक्तव्य में शेख़ा हिसा ने कहा कि यूएई इस सत्र के परिणामों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए राजनयिक मिशनों और संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय, आपसी दौरों और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान पर काम किया जाएगा, ताकि दोनों देशों के नागरिकों को कुशल कांसुलर सेवाएं मिल सकें।
यूएई के प्रतिनिधिमंडल में पहचान, नागरिकता, सीमा शुल्क और बंदरगाह सुरक्षा संघीय प्राधिकरण, मानव संसाधन और अमीरातीकरण मंत्रालय, चीन स्थित यूएई दूतावास और विदेश मंत्रालय के विभिन्न कांसुलर विभागों के प्रतिनिधि शामिल थे।