UAE में दोपहर की धूप में काम पर लगा बैन खत्म, 15 सितंबर को पूरा हुआ नियम

Praggya Singh sabal15 September 20262 min read19 viewsUAE
UAE में दोपहर की धूप में काम पर लगा बैन खत्म, 15 सितंबर को पूरा हुआ नियम

यूएई में काम करने वाले लाखों प्रवासियों और लेबर वर्ग के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। UAE Ministry of Human Resources and Emiratisation यानी MoHRE ने इस साल के दोपहर के समय धूप में काम करने पर रोक लगाने वाले नियम को औपचारिक रूप से पूरा कर लिया है। यह नियम 15 सितंबर 2026 को समाप्त हुआ, जिसे इस साल 15 जून 2026 को शुरू किया गया था। इस नियम का मकसद खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूरों को तेज धूप और गर्मी से बचाना था ताकि किसी की भी तबीयत खराब न हो। यूएई में हर साल गर्मियों के मौसम में यह पाबंदी लागू की जाती है ताकि कामगारों की सेहत सुरक्षित रहे।

नियम का पालन करने पर अधिकारियों ने की तारीफ

MoHRE की लेबर प्रोटेक्शन मामलों की असिस्टेंट अंडर-सेक्रेटरी Dalal Al Shehhi ने जानकारी दी कि इस नियम को प्राइवेट कंपनियों ने बहुत अच्छे से माना है। कंपनियों ने अपनी जिम्मेदारी को समझा और नियमों का पूरा पालन किया, जो वहां काम करने वाले मजदूरों के प्रति सम्मान को दिखाता है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय का मुख्य मकसद यूएई में एक ऐसा काम का माहौल तैयार करना है जो सुरक्षित हो, स्वस्थ हो और टिकाऊ हो। यूएई सरकार हमेशा से चाहती है कि लेबर मार्केट ऐसा बने जो सभी कामगारों के लिए फायदेमंद हो और किसी को भी काम के दौरान परेशानी न उठानी पड़े।

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क्या था दोपहर के काम का नियम और किसे मिली थी छूट

इस पॉलिसी के तहत दोपहर 12:30 बजे से लेकर दोपहर 03:00 बजे तक सीधे धूप में और खुले आसमान के नीचे काम करने पर पूरी तरह मनाही थी। यह नियम हर साल 15 जून से 15 सितंबर तक सख्ती से लागू किया जाता है। हालांकि, कुछ जरूरी तकनीकी कामों और इमरजेंसी की स्थिति में छूट दी गई थी ताकि शहर की जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों। कंपनियों की जिम्मेदारी थी कि वे काम करने की जगहों पर छांव का इंतजाम करें, ठंडक देने वाले उपकरण रखें, पीने का साफ़ पानी दें और फर्स्ट-एड बॉक्स का पूरा सामान तैयार रखें ताकि किसी को भी जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।

डिलीवरी वर्कर्स और जनता के लिए खास इंतजाम

इस पूरी मुहिम के दौरान मंत्रालय ने कई सरकारी और प्राइवेट संस्थाओं के साथ मिलकर काम किया। डिलीवरी करने वाले भाइयों के लिए 12,000 से ज्यादा रेस्ट स्टेशन बनाए गए जहाँ उनके बैठने और आराम करने की पूरी सुविधा थी। इसके अलावा आम लोगों को भी इस बात की छूट दी गई थी कि अगर वे कहीं भी इस नियम का उल्लंघन होते देखें तो तुरंत अधिकारियों को इसकी जानकारी दें। इसके लिए खास कम्युनिकेशन चैनल भी बनाए गए थे ताकि कोई भी शख्स आसानी से अपनी बात या शिकायत अधिकारियों तक पहुँचा सके। इस तरह की डिजिटल और स्मार्ट देखरेख से मजदूरों की सुरक्षा को और ज्यादा मजबूत किया गया।

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