सऊदी अरब पर हुथी हमलों से भड़का UAE, नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाने पर जताई कड़ी नाराजगी

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने सऊदी अरब के नागरिक बुनियादी ढांचे और लाल सागर में जहाजों पर हो रहे लगातार हमलों को लेकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर हुथी समूह की इन हरकतों की कड़ी निंदा की है। यूएई ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों और आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाना न केवल सऊदी अरब की संप्रभुता का उल्लंघन है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा है।
इस तनावपूर्ण माहौल में यूएई ने सऊदी अरब के प्रति अपनी पूरी एकजुटता जाहिर की है और आश्वासन दिया है कि वह सऊदी सुरक्षा को बनाए रखने के लिए उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करेगा। दरअसल, हुथी विद्रोहियों ने हाल के दिनों में सऊदी अरब के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया है। इनमें रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अबहा एयरपोर्ट और खमिस मुशैत का एक एयर बेस शामिल है। इसके अलावा नजरान और असिर में सैन्य प्रतिष्ठानों पर भी हमले किए गए हैं, जिसकी वजह से रियाद एयरपोर्ट पर उड़ानों में अस्थायी रूप से बाधा आई।
क्षेत्रीय तनाव और सैन्य कार्रवाई
हमलों का सिलसिला केवल जमीन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हुथी समूह ने दक्षिणी लाल सागर और बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य में सऊदी जहाजों को भी निशाना बनाया है। इन हमलों में नजरान और जज़ान के हवाई अड्डों पर हुए प्रहारों के कारण तीन लोगों के घायल होने की खबर है। वहीं, सऊदी हवाई रक्षा प्रणाली ने राजधानी के उत्तर में एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक मार गिराया।
इन हमलों के जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 100 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर हुथी समूह के 324 ठिकानों को तबाह कर दिया गया है। दूसरी ओर, यमन की सरकारी सेनाओं ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य और धुबाब क्षेत्र पर फिर से नियंत्रण पाने का दावा किया है। जानकारों का मानना है कि हुथी समूह इन हमलों के जरिए सऊदी अरब पर आर्थिक दबाव बनाना चाहता है ताकि मौजूदा संघर्ष में अपनी शर्तें मनवा सके।