सूडान सेना को हथियार भेजने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में आठ लोगों को उम्रकैद की सजा
अबू धाबी कोर्ट ने सूडान सेना को हथियार भेजने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 8 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

अबू धाबी: यूएई की फेडरल कोर्ट ऑफ अपील ने सूडान की सेना को अवैध रूप से सैन्य उपकरण भेजने और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आठ लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला 29 अक्टूबर, 2026 को सुनाया गया।
अदालत ने पाया कि आरोपियों ने हथियारों के सौदों को अंजाम देने और अवैध पैसों की हेराफेरी के लिए जाली दस्तावेजों, शेल कंपनियों और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल किया था। यह पूरा मामला तब सामने आया जब 30 अप्रैल, 2025 को सुरक्षा सेवाओं ने तस्करी की एक कोशिश को नाकाम कर दिया था।
उम्रकैद की सजा पाने वालों में राशिद ओमर अब्दुल कादिर अली, सलाह अब्दुल्ला मोहम्मद मोहम्मद सालेह (सलाह गोश), अहमद अब्दुल्ला (अब्दुल्ला खलफाल्ला), अहमद राबी सैयद अहमद, मोहम्मद अल फथ मोहम्मद बेक, यासिर अब्दुलरहमन अल अत्ता, ओथमान मोहम्मद अल जुबैर मोहम्मद और माहेर अब्दुल जलील शामिल हैं।
उम्रकैद के अलावा, कई दोषियों को मनी लॉन्ड्रिंग के लिए अलग से तीन साल की जेल और 10 लाख दिरहम का जुर्माना लगाया गया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सजा पूरी होने के बाद सभी दोषियों को देश से बाहर निकाल दिया जाएगा।
इस मामले में यूएई में रजिस्टर्ड छह कंपनियों पर भी कार्रवाई की गई है। राशेड ओमर ब्रोकरेज कंपनी, पोर्टेक्स ट्रेड लिमिटेड, अपोलारा इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेडिंग कंपनी, येलो सैंड ट्रेडिंग कंपनी, वरदत अल मसर्रा ट्रेडिंग कंपनी और सुडामिना फ्री जोन पर 10 लाख दिरहम का जुर्माना लगाया गया है।
अदालत ने इन सभी कंपनियों के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन रद्द करने के साथ-साथ उनसे जुड़े अवैध फंड को जब्त करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, जब्त किए गए गोला-बारूद, संचार उपकरणों और 15.45 लाख दिरहम की नकदी को भी कुर्क करने का निर्देश दिया गया है।
यह कानूनी प्रक्रिया 30 अप्रैल, 2026 को यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी के आदेश के बाद शुरू हुई थी। उन्होंने 13 आरोपियों और छह कंपनियों को स्टेट सिक्योरिटी कोर्ट में भेजा था, जिनमें से अंतिम फैसले के दौरान दो आरोपियों को बरी कर दिया गया।