UAE में साइबर सुरक्षा को मजबूत करेगा नया 'साइबर रेजिस्टेंस सेंटर'

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अपनी डिजिटल सीमाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अबू धाबी में आयोजित 'AI Everything' इवेंट के दौरान UAE साइबर सिक्योरिटी काउंसिल और SCC मिडिल ईस्ट ने एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर साइबर रेजिस्टेंस एंड ट्रस्टेड टेक्नोलॉजी' की स्थापना करना है, जो देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे को अभेद्य बनाने में मदद करेगा।
यह सेंटर केवल तकनीक का प्रदर्शन करने वाला केंद्र नहीं होगा, बल्कि एक सक्रिय इंजीनियरिंग हब के रूप में काम करेगा। इसका लक्ष्य सरकार, उद्योग और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साथ लाकर ऐसे समाधान तैयार करना है जिन्हें असल दुनिया की चुनौतियों के बीच परखा जा सके। हालांकि, अभी तक इस सुविधा के लिए किसी निश्चित स्थान या संचालन की तारीख का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन इसकी कार्ययोजना पूरी तरह तैयार है।
तीन चरणों में लागू होगी यह महत्वाकांक्षी योजना
इस सेंटर के कामकाज को तीन मुख्य चरणों में बांटा गया है, ताकि सुरक्षा के हर पहलू पर काम किया जा सके:
- पहला चरण: इसमें राष्ट्रीय क्षमता निर्माण पर जोर दिया जाएगा। इसके तहत एग्जीक्यूटिव लर्निंग, प्रैक्टिकल लैब्स और विशेषज्ञों के विकास पर ध्यान दिया जाएगा, जिसमें AI, क्लाउड, डेटा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा शामिल होगी।
- दूसरा चरण: एक स्टार्टअप इनक्यूबेटर प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। इसका मकसद UAE के भीतर साइबर सुरक्षा के नए नवाचारों (innovations) को विकसित करना और उन्हें वास्तविक जरूरतों के आधार पर टेस्ट कर स्केल करना होगा।
- तीसरा चरण: स्थानीय स्तर पर विकसित इन तकनीकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए रास्ते बनाए जाएंगे, ताकि वे वैश्विक ग्राहकों और इकोसिस्टम से जुड़ सकें।
UAE सरकार के साइबर सुरक्षा प्रमुख एच.ई. डॉ. मोहम्मद अल कुवैती ने बताया कि यह सुविधा सरकार और तकनीकी भागीदारों को डिजिटल अर्थव्यवस्था और AI लक्ष्यों को व्यावहारिक क्षमताओं में बदलने में मदद करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में इन क्षेत्रों का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिसके लिए एक मजबूत और फील्ड-टेस्टेड डिफेंस सिस्टम की सख्त जरूरत है। वहीं, SCC मिडिल ईस्ट के सीईओ डैनियल वैले ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विभिन्न तकनीकों को एकीकृत करना और उनकी प्रभावशीलता को साबित कर ठोस समाधान पेश करना है।