UAE ने नेपाल बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजा 10 मिलियन डॉलर का राहत पैकेज और विशेषज्ञ दल

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने नेपाल में आए भयानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद एक बड़ा मानवीय राहत अभियान शुरू किया है। इस आपदा में भारी तबाही और जान-माल का नुकसान हुआ है, जिसे देखते हुए यूएई सरकार ने तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया है। देश के राष्ट्रपति His Highness Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan के निर्देशों के तहत, यूएई ने शुरुआती रिकवरी के प्रयासों और प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए US$10 million की राशि आवंटित की है। यह सहायता नेपाल के मुश्किल समय में वहां के लोगों को संबल प्रदान करने के लिए भेजी गई है।
दो विमानों के जरिए भेजी गई राहत सामग्री
3 सितंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार, इस मानवीय प्रतिक्रिया के तहत नेपाल के लिए दो सहायता विमान भेजे जा चुके हैं। पहले विमान में 83 tonnes भोजन और रहने के लिए तंबू व अन्य सामग्री भेजी गई थी। इसके बाद दूसरे विमान ने 45 tonnes राहत सामान पहुंचाया, जिसमें जरूरी वस्तुएं और बिजली पैदा करने वाले जनरेटर शामिल थे। आपदा राहत अभियानों को और तेज करने के लिए, यूएई ने आपदा राहत, मेडिकल निकासी और प्राथमिक चिकित्सा के विशेषज्ञों से लैस एक विशेष दल भी नेपाल भेजा है। यह टीम काठमांडू में स्थित UAE Embassy और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि राहत सामग्री सही जगह पर पहुंच सके।
नेपाल सरकार की आधिकारिक जानकारी और आंकड़े
नेपाल के विदेश मंत्री Mr. Shisir Khanal द्वारा दी गई आधिकारिक कूटनैतिक ब्रीफिंग के अनुसार, बचाव और राहत कार्यों के दौरान अब तक 1,204 शव बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा, लगभग 4,200 लोग अभी भी लापता हैं जिनकी तलाश जारी है। आधिकारिक डेटा से यह भी पता चलता है कि बचाव टीमों ने अब तक 11,993 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप MOFA Nepal Briefing पर जा सकते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ समन्वय
UAE Aid Agency वर्तमान में राहत सामग्री के वितरण को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने के लिए कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही है। इनमें United Nations Development Programme और UN Office for the Coordination of Humanitarian Affairs जैसे बड़े संगठन शामिल हैं। नेपाल की संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य सरकार अभी भी बचाव और राहत कार्यों को सबसे ऊपर रख रही है। विदेश मंत्री खानल ने यह भी स्पष्ट किया कि यह संकट एक तय क्षेत्र तक ही सीमित है और देश का बाकी हिस्सा पूरी तरह से सुरक्षित और आने-जाने के लिए खुला हुआ है। इस आपदा से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए ReliefWeb Nepal Update की रिपोर्ट देखी जा सकती है।